आम के पेड़ पर चौबटिया पेस्ट लगाते उद्यान विभाग के कर्मचारी
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उद्यान विभाग ने आम उत्पादन वाले क्षेत्रों में आम के पेड़ों की छंटनी की। विभाग ने आम उत्पादन वाले नौलड़ा, हुपली, तल्ला भैंसकोट, बांसबगड़, नाचनी, भैंसखाल, तेजम, बोरागांव, क्वीटी, देकुना क्षेत्रों में 30 वर्ष पुराने आम के बागों के पेड़ों की कटाई-छंटाई की। इसके बाद पेड़ों पर चौबटिया पेस्ट लगाया गया।
उद्यान केंद्र के प्रभारी आशीष रंजन खर्कवाल ने बताया कि जानकारी के भाव में किसान पुराना होने पर आम के पेड़ों को छोड़ देते हैं, इस कारण फलों की गुणवत्ता ठीक नहीं होती है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में दशहरी, लंगड़ा, फजरी, चौसा, बंबई, आम्रपाली, बीजू प्रजाति के आमों की पैदावार होती है। ग्रामीणों ने विभाग की देखरेख में खराब हो चुके आम के पेड़ों की टहनियों को 6-10 इंच तक काटा। पेड़ों के कटे हुए स्थानों पर चौबटिया पेस्ट (पेस्टीसाइड, इंसक्टीसाइड) लगाया गया। ऐसा करने से पेड़ों को पोषण तत्व मिलते रहेंगे। प्रकाश संश्लेषण क्रिया के लिए कुछ पत्ते छोड़ दिए जाते हैं। दो महीने बाद उगने वाली पेड़ों की टहनियों की छंटनी कर, 8-10 टहनियों को ही रहने दिया जाता है।
दो वर्ष बाद इन पेड़ों पर अच्छे किस्म के रसदार फल निकलेंगे। ऐसा करने से 20 से 30 साल तक पेड़ से अच्छे किस्म के फल मिलते रहेंगे। आम के पेड़ की उम्र 80 वर्ष होती है। वहीं विभाग प्रभारी आशीष ने बताया कि आगे भी इस तरह के कार्यक्रम किए जाते रहेंगे, इससे क्षेत्र में आम के फलों के उत्पादन और गुणवत्ता बनी रहे। इस मौके पर वरिष्ठ माली हेम सिंह साही, देवेंद्र सिंह, जगदीश सिंह चुफाल, रमेश बोरा आदि उपस्थित थे।