गंगोलीहाट के जजुट में बंदरों के खाए पपीते दिखाते फल उत्पादक गिरीश जोशी
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मौसम परिवर्तन के चलते तहसील के प्रमुख फल उत्पादक गांव जजुट में संतरा, माल्टा के पेड़ सूख गए। इसके बाद गांव के फल उत्पादकों ने घाटी में होने वाले आम, पपीता का व्यवसाय करना शुरू किया, लेकिन बंदर, लंगूरों फल उत्पादकों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
जजुट, उप्राड़ा तहसील के प्रमुख फल उत्पादक क्षेत्रों में शुमार है। एक दशक पहले तक इन गांवों में बेहतरीन किस्म का संतरा, सिंदूरी माल्टा हुआ करता था, लेकिन तापमान बढ़ने के कारण धीरे-धीरे संतरा और माल्टा के पेड़ नष्ट होते चले गए। इसके बाद फल उत्पादकों ने घाटी वाले क्षेत्रों में होने वाले आम, पपीता के पेड़ लगाने शुरू किए, लेकिन अब बंदर, लंगूरों ने उनकी मंशा पर पानी फेरना शुरू कर दिया है।
जजुट, उप्राड़ा में बंदर, लंगूर पपीता आदि फलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचा रहे हैं। जजुट के प्रमुख फल उत्पादक गिरीश जोशी बताते हैं कि बंदर, लंगूरों से फलों को बचाने के लिए पेड़ों पर जाल डाले गए हैं, लेकिन बंदर, लंगूरों से फलों को नहीं बचा पा रहे हैं। बंदरों के झुंड जाल के नीचे से घुसकर फलों को नष्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन बंदर, लंगूरों से निजात नहीं दिलाता है तो फलों का उत्पादन करना संभव नहीं रह जाएगा।