अस्कोट रामलीला मैदान में चल रहे मल्लिकार्जुन महोत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम देर रात तक मची रही। महोत्सव की दूसरी रात को प्रकाश रावत एंड पार्टी के कलाकारों ने काली गंगा आ गोरी गंगा आ, हिट बसु लै जानु जौलजीबी आ। सुन की थाली मां पितलिया टांको लाग्यो सुन की थाली मा के साथ ही कई उत्तराखंडी लोकगीत प्रस्तुत किए।
80 वर्षीय राज किशोर सिंह ने कव्वाली प्रस्तुत करते हुए ठुमका लगाकर लोगों को खूब गुदगुदाया। कव्वाली के बोल थे-हमने पूछा कि कल सब कहां थे, पहले शरमाए फिर हंस के बोले, वो बात क्यों पूछते हो जो बताने के काबिल न हो...। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुप्त उठाने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे।
महोत्सव में स्कूली बच्चों की सामान्य ज्ञान, लंबी कूद, मैराथन आदि प्रतियोगिताएं कराई गई। प्रतियोगिता संपन्न कराने में शिक्षक लक्ष्मण प्रसाद, कमान सिंह लुंठी, कैलाश पंत, नीरज कुमार, राज नारायण धामी के साथ ही महोत्सव समिति के लोग सहयोग कर रहे हैं। प्रतियोगिता के परिणाम शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे। महोत्सव का संचालन गोविंद भंडारी ने किया।