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अरुणिमा की खुशबू से महकेगा बड़ालू फार्म

Sun, 03 Jun 2018 10:41 PM IST
दिनेश अवस्थी/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ का बड़ालू उद्यान फार्म - फोटो : अमर उजाला
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लंबे समय से उपेक्षित पड़े राजकीय उद्यान फार्म बड़ालू के दिन अब बहुरने वाले हैं। एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना (आईएलएसपी) के अंतर्गत फार्म को आदर्श फार्म के रूप में विकसित किया जाएगा। उद्यान विभाग इसमें आम की अरुणिमा समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण करेगा। साथ ही फार्म में अखरोट, ग्राफ्टेड आड़ू और नींबू प्रजाति के पौधों का भी रोपण किया जाएगा।

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मूनाकोट विकास खंड के बड़ालू में उद्यान विभाग का 3.1 हेक्टेयर का फार्म है। समुचित देखरेख के अभाव में यह जीर्णशीर्ण हो गया। अब किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य के बीच इस बदहाल फार्म की दशा सुधरने वाली है। आईएलएसपी के इनोवेशन प्रोजेक्ट के तहत इस फार्म केे इंटीग्रेटेड मॉडल फार्म के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए आईएलएसपी से 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

आईएलएसपी के परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने बताया कि राजकीय उद्यान में फल पौध उत्पादन के साथ ही पुराने आम के बगीचे का जीर्णोद्धार, सब्जी उत्पादन के लिए पॉलीहाउस, एकीकृत जल संरक्षण टैंक की स्थापना कर फार्म को जिले में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एवं प्रशिक्षण स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि फार्म में आम की अरुणिमा, अरुणिका, पूसा श्रेष्ठ, सूर्या प्रजाति के सौ पौधों का रोपण किया जाएगा। आम की यह रंगीन प्रजातियां अभी पहाड़ पर नहीं हैं।
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यह प्रजातियां यदि यहां के वातावरण में सफल रहती हैं तो बाद में इन्हें जिले के किसानों को भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा फार्म में अखरोट, ग्राफ्टेड आड़ू की पौध भी तैयार होगी। फार्म में वर्तमान में कागजी नींबू, संतरा, माल्टा के 22 हजार पौध तैयार हैं। किसानों की मांग पर उन्हें फलों की पौध उपलब्ध कराई जाएगी।

किसानों को मिलेगा औद्यानिकी का प्रशिक्षण
राजकीय उद्यान फार्म बड़ालू में जिले के किसानों को औद्यानिकी का प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाएगा। उन्हें संसाधनों का बेहतर उपयोग करने, उच्च मात्रा में उत्पादन कैसे होगा इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा मत्स्य, कुक्कुट पालन, जल संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। किसानों को उन्नत किस्म की सब्जियों की पौध भी उपलब्ध कराई जाएगी। फार्म में वर्मी कंपोस्ट यूनिट, लो प्लास्टिक टनल, पॉलीहाउस, नेपियर घास एवं एक शहतूत ब्लॉक भी बनाया जाएगा।

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