फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खतरे में पड़ जाएगा हुड़ेती का महादेव धारा

विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़। शहर और आसपास के गांवों की 30 हजार से अधिक आबादी की प्यास बुझाने वाले महादेव धारे के संरक्षण की मांग के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक राजेश मोहन उप्रेती ने डीएम और जिला पंचायत अध्यक्ष को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि यदि धारे के आसपास खोदान या अन्य तरह की छेड़छाड़ की गई तो धारे का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
विज्ञापन

हुड़ेती के महादेव धारे से दशकों पूर्व हुड़ेती और स्यालबाड़ा के लोग ही पानी पीते थे। शहर के विस्तारीकरण के बाद सरस्वती विहार, जगदंबा कॉलोनी, जीआईसी, टकाना, लिंक रोड से लेकर तमाम इलाकों के लोग पीने के लिए इसी धारे के पानी का उपयोग करते हैं। जीआईसी-सुकौली सड़क के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है।
पहाड़ी कटिंग के कारण होने वाले कंपन से धारे के पानी के रुख बदलने का खतरा पैदा हो गया है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक राजेश मोहन उप्रेती का कहना है कि इस क्षेत्र में होने वाले खनन कार्य से 1970-80 के दशक में भी धारे को खतरा पैदा हो गया था। तब तत्कालीन ग्राम प्रधान कैप्टन कवींद्र मोहन उप्रेती ने खनन कार्य रुकवाकर वनीकरण का कार्य कराया था।
विज्ञापन

सड़क कटिंग के दौरान पहाड़ी को काटा गया तो स्रोत के पानी के धरती की दरारों में रिसने का खतरा बना रहेगा। यदि ऐसा हुआ तो लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
शिक्षक उप्रेती ने सड़क चौड़ीकरण के लिए पहाड़ी कटिंग करने के बजाय नीचे की ओर से मजबूत सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की है ताकि धारे का संरक्षण भी हो और सड़क की चौड़ाई भी बढ़ जाय। उन्होंने डीएम से इसके लिए कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को निर्देशित करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें