फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तात कपिन सब निशिचर मारे महा-महा योद्धा संहारे...

Wed, 02 Nov 2016 10:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/अस्कोट
विज्ञापन
जाख की रामलीला में भगवान शंकर की तपस्या करता रावण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जिला मुख्यालय के नजदीक जाख में रामलीला शुरू हो गई है। अस्कोट की रामलीला में मेघनाद, कुंभकरण और रावण वध की लीला का मंचन किया गया।
विज्ञापन


जाख की रामलीला में नटी सूत्रधार नाटक के बाद रामजन्म की लीला का मंचन किया गया। पुत्र न होने से व्याकुल राजा दशरथ अपनी व्यथा कुलगुरु वशिष्ठ को बताते हैं। वशिष्ठ राजा दशरथ को पुत्रेष्टि यज्ञ करने की सलाह देते हैं। पुत्रेष्टि यज्ञ के बाद राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म होता है। उधर, रावण, कुंभकरण, विभीषण भगवान शंकर की तपस्या कर वरदान प्राप्त करते हैं।
विज्ञापन


अस्कोट की रामलीला में मेघनाद, कुंभकरण, रावण वध की लीला का मंचन किया गया। लक्ष्मण के मूर्छा से जागने के बाद रावण कुंभकरण को जगाता है। जगाने का कारण पूछने पर रावण कहता है-तात कपिन सब निशिचर मारे, महा-महा योद्धा संहारे, दुर्मख, सुररिपु मनुज अहारी, भट अतिकाय अकंपन भारी। इसके पश्चात लड़ाई के लिए गया कुंभकरण भगवान राम के हाथों मारा जाता है। कुंभकरण वध के बाद मेघनाद लड़ाई के मैदान में आता है। शेषावतार लक्ष्मण मेघनाद का वध करते हैं। मेघनाद वध के बाद उसकी पत्नी सुलोचना का करुण विलाप करते हुए सती हो जाती है। अंत में रावण भगवान राम के हाथों मारा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें