मदकोट में शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर प्रदर्शन करते छात्र
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राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज मदकोट में शिक्षकों के रिक्त पद भरने की मांग को लेकर मंगलवार को सैकड़ों छात्र सड़क पर उतर आए। इस कॉलेज में मार्च-2016 से अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के प्रवक्ता नहीं हैं। हाइस्कूल स्तर पर भी अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं। विद्यालय में चपरासी, स्वच्छक और चौकीदार का पद भी खाली है। आदर्श विद्यालय घोषित होने के बाद विद्यालय की दशा सुधरने के बजाय और ज्यादा बिगड़ गई है। नतीजतन विद्यालय में पढ़ने वाले 900 विद्यार्थियों ने मंगलवार को कक्षाओं का बहिष्कार किया और जुलूस निकाला। विद्यार्थियों के आंदोलन को अभिभावकों ने भी समर्थन दिया है।
एनएसयूआई के ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम दानू के नेतृत्व में निकले जुलूस के दौरान विद्यार्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि सीमांत के गरीब विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर रिक्त पद नहीं भरे गए तो जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग पर बेमियादी चक्काजाम कर दिया जाएगा। मदकोट इंटर कॉलेज में आसपास के गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। अधिकांश बच्चे गरीब परिवारों से हैं, इस कारण वह शिक्षा के लिए अन्य विद्यालयों में जा पाने की स्थिति में नहीं हैं।
प्रदर्शन के बाद एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को ज्ञापन भेजा गया। प्रदर्शन में प्रकाश गोस्वामी, महेश कुमार, खगेंद्र सिंह, युधिष्टर वर्मा, सूरज बिष्ट, त्रिभुवन धामी, सुरेंद्र सिंह आदि विद्यार्थी शामिल हुए। अभिभावक संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह भंडारी समेत अन्य अभिभावकों ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उधर, तहसीलदार आईबी मल्ल ने कहा कि छात्रों की नाराजगी की जानकारी शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।