मदकोट में मदकिनी नदी पर बना तालाब
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सिंचाई विभाग ने मदकिनी नदी के किनारे चेकडैम बनाने के लिए खुदाई तो कर दी, लेकिन अब तक चेकडैम का निर्माण नहीं किया है। वहीं, पिछले 45 दिनों से मदकिनी में बना तालाब अब तक बंद नहीं किया है। यह तालाब मदकिनी पुल और भौराबगड़ गांव के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मानसून सीजन में काम रोका गया है। अक्तूबर से चेकडैम बनाना शुरू कर दिया जाएगा।
सिंचाई विभाग ने मार्च में पूरी तैयारी के साथ मदकिनी के किनारे भूकटाव रोकने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने का काम शुरू किया था। पहले यह तय किया गया था सुरक्षा दीवार मई तक बनकर तैयार हो जाएगी, लेकिन इस काम में लगातार व्यवधान आता गया। 15 जून से लगातार हो रही बारिश के बाद सुरक्षा दीवार बनाने के लिए खुदाई की तरफ नदी का रुख पलट गया। वहां पर बड़ा तालाब बन गया है। यह तालाब पिछले 45 दिनों से उसी स्थिति में है। तालाब में किसी के डूबने का खतरा तो हो ही रहा है, साथ में मदकिनी पुल और भौराबगड़ गांव को भी खतरा पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय लापरवाही का खामियाजा किसी को अपनी जान गंवाकर न चुकानी पड़ी। युवा समाजसेवी विक्रम दानू का कहना है कि यदि इस तरह की लापरवाही से कोई घटना घटी तो विभाग के अधिकारी जिम्मेदार रहेंगे। इधर, सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विशाल प्रसाद का कहना है कि चेकडैम बनाने का काम अक्तूबर से ही शुरू हो पाएगा।