दारमा घाटी को जाने वाली सड़क के बंद होने से मोटर साइकिल को धक्का देकर ले जाते पर्यटक।
- फोटो : अमर उजाला
सड़क निर्माण कंपनी की लापरवाही की वजह से लिपुलेख मार्ग एक हफ्ते से बंद है। कंपनी ने लखनपुर के पास चट्टान गिरने से बंद सड़क को खुलवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। यहां तक कि पैदल चलने लायक रास्ता भी नहीं बनाया। सड़क बंद होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र में सेना के लिए पहुंचाया जाने वाला रसद, सब्जी आदि सामान भी डंप पड़ा है। लखनपुर में तीस हजार बकरियां फंसी हुई हैं।
व्यास घाटी की लाइफ लाइन बंद होने से ग्रामीण परेशान हैं। भाजपा नेता जगत मर्तोलिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिन के भीतर सड़क नहीं खुली तो बीआरओ कार्यालय पर तालाबंदी की जाएगी।
बता दें कि बीआरओ ने घट्टाबगड़ से लिपुलेख तक सड़क निर्माण का काम एक निजी कंपनी गर्ग एंड गर्ग को दिया है। लखनपुर के खान डेरा के पास चट्टान के टूटने से भारी मात्रा में बोल्डर, मलबा गिरा है। इसके चलते एक हफ्ते से सड़क बंद है। ग्रामीण जान हथेली में रखकर इस जगह पर आवागमन कर रहे हैं। भाजपा नेता जगत मर्तोलिया ने बुधवार को जिलाधिकारी से बीआरओ की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि जब माइग्रेशन बंद रहता है तब बीआरओ काम नहीं करवाता है। अब तक लोग माइग्रेशन पर जा रहे हैं तो काम करवाया जा रहा है।
दारमा घाटी को जाने वाले पर्यटक परेशान
धारचूला। गर्मी शुरू होते ही दारमा घाटी में पर्यटकों की आवाजाही शुरू होने लगी है। अलबत्ता सड़क बंद होने और कई जगह बर्फ जमा होने से पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दांतू गांव के होम स्टे संचालक महेश दताल के साथ पर्यटक पंचाचूली दर्शन को जा रहे हैं। सेला-नागलिंग के बीच सड़क बंद होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महेश दताल ने शीघ्र सड़क खोलने की मांग उठाई है। ब्यूरो