आल वेदर सड़़क में चुपकोट बैंड के पास पहाड़ी में अटके बोल्डर को हटाते एसडीआरएफ के जवान। संवाद
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ की लाइफ लाइन कही जाने वाली ऑल वेदर सड़क के चौड़ीकरण के दौरान पहाड़ियों के लटके बोल्डर कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। लंबे समय से लोग बोल्डर हटाने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। इन बोल्डर के सड़क पर गिरने से कई बार सड़क बंद हो जाती है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
टनकपुर से पिथौरागढ़ 150 किमी लंबी ऑल वेदर सड़क के चौड़ीकरण के दौरान कई स्थानों पर मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर अटके हैं। इन बोल्डर का वाहनों के ऊपर गिरने का खतरा बना हुआ है। सर्वाधिक खतरा पिथौरागढ़ से घाट 30 किमी के सफर में है। यहां चुपकोट बैंड, दिल्ली बैंड, घाट, गुरना सहित कई स्थानों पर बोल्डर पहाड़ से लटक रहे हैं। इन बोल्डरों के गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
चुुपकोट बैंड के पास फंसे बोल्डर को हटाने का आदेश जारी
पिथौरागढ़। चुपकोट बैंड के पास पहाड़ में फंसे बोल्डर और मलबे को हटाने के लिए एडीएम डॉ. शिव कुुमार बरनवाल ने आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर अटके बोल्डर के धीरे-धीरे खिसकने के कारण बोल्डर गांवों में गिर सकते हैं जिससे जनहानि की आशंका बनी हुई है। एडीएम के आदेश के बाद बोल्डर को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। संवाद