जिले में बृहस्पतिवार रात से हुई बारिश से सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा है। जिले के सभी ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हो गया है, जबकि निचले इलाकों में अच्छी बारिश हुई। बारिश और चोटियों पर हिमपात के कारण शुक्रवार को सभी इलाकों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जिला मुख्यालय में अधिकतम तापमान 13 डिग्री रहा, जबकि रात में आसमान पर बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान बढ़कर 6 डिग्री तक पहुंच गया।
मौसम विभाग ने शनिवार सुबह कड़ाके की ठंड पड़ने का संकेत दिया है और न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक आ सकता है। वहीं, कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग बर्फ से पट गया है। इस मार्ग पर इस बार लगातार चौथी बार हिमपात हो गया है। बताया गया कि कुछ स्थानों पर भारी हिमपात से पैदल रास्ते को नुकसान पहुंचा है।
मुनस्यारी से नजदीक कालामुनि, बेटुलीधार, नया बस्ती, खलियाटॉप, पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा, मिलम, नामिक में एक बार फिर से जमकर हिमपात हुआ है। मुनस्यारी में शुक्रवार सुबह का न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री रिकार्ड किया गया। मुनस्यारी नगर में रात के समय बर्फ के फाहे गिरे, लेकिन जमीन पर बर्फ टिक नहीं पाई। धारचूला तहसील में बूंदी, नारायणआश्रम, गुंजी, कालापानी, छियालेख में भारी हिमपात की सूचना है।
इन इलाकों में तैनात एसएसबी और आईटीबीपी के जवानों के लिए एक बार फिर से अलर्ट जारी किया गया है। उनको गश्त के समय सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। जिन स्थानों पर हिमस्खलन की आशंका है उन स्थानों पर गश्त पर न जाने को कहा गया है। जिले के अन्य हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-10.2 एमएम
गंगोलीहाट-11.0 एमएम
मुनस्यारी-6.0 एमएम
धारचूला-3.0 एमएम
बेड़ीनाग-6.0 एमएम
डीडीहाट-3.0 एमएम
मौसम आज से सामान्य होगा
पिथौरागढ़। मौसम विभाग के स्थानीय कार्यालय ने संकेत दिया है कि शनिवार से मौसम में सुधार आने लगेगा। अलबत्ता हल्के और मध्यम स्तर के बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हो सकता है। उसके बाद अगले दो-तीन दिन तक मौसम सामान्य बना रहेगा। इस समय सक्रिय सिस्टम का असर अब समाप्त हो रहा है।
फसलों के लिए बारिश लाभदायक
पिथौरागढ़। इस समय गेहूं की फसल में बालें आने का समय रहता है। ऐसे मौके पर हुई अच्छी बारिश ने फसलों को काफी राहत पहुंचाई है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने बताया कि वैसे फसलों को इस समय सिंचाई देने का सही मौका आ रहा है। ऐसे समय में बारिश होने से असिंचित इलाकों में फसल को काफी फायदा पहुंचेगा। कुछ दिनों तक जमीन में नमी बनी रहेगी और सब्जी बीजों का रोपण किया जा सकता है।