धारचूला (पिथौरागढ़)। राजकीय महाविद्यालय बलुवाकोट में भौतिक और वनस्पति विज्ञान के प्राध्यापक नहीं हैं। लंबा समय बीत जाने के बाद भी इन विषयों के प्राध्यापकों की तैनाती नहीं हुई है। छात्र-छात्राएं रुचि के बावजूद इन विषयों को नहीं ले पाते हैं। अगर कोई इन विषयों को चुनता भी है तो उसे खुद ही तैयारी करनी पड़ती है। इसके अलावा पिछले कुछ माह से यहां पर हिंदी और संस्कृत पढ़ाने के लिए भी प्राध्यापक नहीं हैं।
वर्ष 2016 में क्षेत्र के युवाओं की उच्च शिक्षा को लेकर बलुवाकोट महाविद्यालय की स्थापना हुई। शुरुआत कला वर्ग से की गई। धीरे-धीरे युवाओं ने विज्ञान विषयों के संचालन की मांग शुरू की। विषयों का संचालन तो हुआ लेकिन प्राध्यापक नहीं मिले। जब प्राध्यापक मिले तो वह भी नियमित नहीं रहे। वर्तमान में मात्र जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान की पढ़ाई हो रही है।
बलुवाकोट महाविद्यालय में विज्ञान की पढ़ाई बेहद मुश्किल हो गई है। ऐसे में छात्र-छात्राएं कला वर्ग लेना अधिक पसंद करते हैं। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करते हैं। - चंचल मेहता, छात्र।
लंबे समय से भौतिक विज्ञान और वनस्पति विज्ञान में प्राध्यापक नहीं है। अब ऐसे में चाहकर भी इन विषयों को छात्र-छात्राएं लेना पसंद नहीं करते हैं। - पंकज मेहरा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष।