सूखे से इस बार फसलों को नुकसान तो हो ही गया है। अब पेयजल को लेकर भी त्राहि त्राहि मचने की आशंका है। अभी तो सर्दी का मौसम है और लोगों को पानी की जरूरत कम रहती है। गर्मी का असर शुरू होते ही पेयजल का संकट गहराने लगेगा और नगरीय क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण अंचलों में भी आफत मच जाएगी।
जल संस्थान के अधिकारी भी इस तरह की स्थितियों को लेकर आशंकित हैं। उनका कहना है कि पेयजल के लिए इस बार गर्मियों में अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ेंगे। जिला मुख्यालय के उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि जल संस्थान असमान वितरण की व्यवस्था को समाप्त कर दे तो संकट से काफी हद तक निजात मिल सकती है। इस समय वितरण व्यवस्था ठीक नहीं है और जल संस्थान का पंपिंग सिस्टम सही तरीके से काम नहीं करता है। ग्रामीण अंचलों में प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर लोगों का कहना है कि अभी से स्रोतों का स्तर कम हो गया है। गर्मियों में समस्या काफी गंभीर हो जाएगी।