गंगोलीहाट क्षेत्र में तेंदुओं की लगातार मौत होती जा रही हैं। आठ दिन में तीन तेंदुओं की मौत हो चुकी है। बीते सोमवार को बनेलागांव के गधेरे में फिर एक तेंदुए के शावक का शव मिला। बनेलागांव में आठ दिन पहले भी एक तेंदुआ मृत अवस्था में मिला था।
सोमवार को बनेलागांव की ग्राम प्रधान इंदिरा देवी ने वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कांडपाल को गांव के समीप गधेरे में मृत अवस्था में तेंदुए का शव पड़े होने की सूचना दी। देर शाम वन कर्मी बृज मोहन पंत, त्रिलोक भंडारी, कमलेश कार्की, सूरज उपाध्याय, पूरन सिंह, रमेश कुमार, शेर सिंह गांव पहुंचे।
शव को कब्जे में लेकर मंगलवार को गंगोलीहाट पहुंचे। पशु चिकित्सक डा. मोहन आर्या ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। उन्होंने बताया शावक की उम्र करीब चार माह है। उसकी गर्दन की हड्डी टूटी थी। सिर में काफी चोट आई थी। अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हुई है।
बताया कि तेंदुए के शरीर के अन्य अंग सुरक्षित थे। संभावना जताई जा रही है कि शावक पहाड़ी से गधेरे में गिर गया होगा। पोस्टमार्टम के बाद शव जला दिया गया है। अवशेष अंगों को दफना दिया गया है।
15 फरवरी को बनेगांव में ही आपसी संघर्ष में एक तेंदुए की मौत हुई थी। ठीक दो दिन बाद 17 फरवरी को जजुट गांव फिर से एक तेंदुआ मरा हुआ मिला था। उसके पांच दिन बाद फिर तेंदुए के शावक का शव मिलने से वन विभाग चिंतित है।