खड़कोट से लगे देवपुरी मोहल्ले में रविवार को दो शावक पहुंच गए। पूरे दिन मोहल्ले में दहशत का माहौल बना रहा। दोनों शावक पकड़ लिए गए हैं। सौभाग्य से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। क्योंकि शावक अभी छोटे हैं। अब यह आशंका सच हो गई है कि सात महीने पहले जीजीआईसी के पास लोगों ने जिन तीन नवजात शावकों को देखा था यह वही होंगे। तब वन विभाग ने इन शावकों को जंगली बिल्ली कहकर कोई कदम नहीं उठाया था।
रविवार सुबह करीब 10.15 बजे खड़कोट देवपुरी मोहल्ले में खीमराज जोशी ने अपने मकान के आगे से एक तेंदुए के शावक को भागते देखा था। उन्होंने इसकी जानकारी अन्य लोगों को दी। तब तक भारी संख्या में लोग शावक को ढूंढने निकल पड़े। घबराहट में यह शावक कुछ देर तक झाड़ियों में छिपा रहा। बाद में वह इसी मोहल्ले में स्थित सरस्वती बालिका विद्या मंदिर के भवन की गैलरी में घुस गया।
खीमराज जोशी ने इसकी जानकारी डीएफओ डा. आईपी सिंह को दी। उन्होंने तत्काल वनकर्मियों को भेजकर इस शावक को करीब अपराह्न 1.30 बजे पिंजरे में कैद कर लिया। शावक के पकड़े जाने के बाद लोग निश्चिंत हो गए, लेकिन 4.30 बजे फिर से एक शावक ठीक उसी स्थान पर पहुंच गया जहां से पहले वाले को पकड़ा गया था। मोहल्ले में फिर से हड़कंप मच गया।
इस बार भी वन विभाग के कर्मचारियों को सूचना दी गई लेकिन उससे पहले ही युवाओं ने शावक को एक बोरी से ढंककर दबोच लिया। थोड़ी देर में वन रेंजर दिनेश चंद्र जोशी, हेम चंद्र जोशी, शशिशेखर जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दोनों शावकों को एक ही पिंजरे में बंद कर दिया है। फिलहाल लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
हेमंत और मोहित ने दिखाया साहस
पिथौरागढ़। देवपुरी मोहल्ले में जब दूसरा शावक घुसा तो हेमंत मेहता और मोहित उप्रेती ने गजब का साहस दिखाया। उन्होंने बोरा और कंबल डालकर शावक को पकड़ने में कामयाबी हासिल कर ली और अन्य लोगों की मदद से उसे वन विभाग के दफ्तर के गेट तक ले आए। हेमंत इस समय बीए में और मोहित कक्षा आठ में पढ़ता है। मोहल्ले के लोगों ने इन दोनों के साहस की तारीफ की है।
अब शावकों की मां के आने का खतरा
दो शावक तो पिंजरे में कैद हो गए हैं। अब लोगों को उसकी मां के आने का खतरा सता रहा है। इतना तो स्पष्ट हो गया है कि शावकों की मां ने जीजीआईसी के पास इन शावकों को जन्म दिया था। कुछ दिनों तक यह तेंदुआ लोगों को नगर में मंडराते दिखाई दिया। अब दोनों शावकों के पिंजरे में बंद होने से उनकी मां ज्यादा खूंखार भी हो सकती है।