थाना पुलिस ने शराब की दुकान का विरोध कर रही छह महिलाओं के खिलाफ बुधवार शाम शांतिभंग की आशंका में मुकदमा दर्ज लिया है। पुलिस अब शराब विरोधी आंदोलन को दबाव में लेकर शांत करने का प्रयास कर रही है, लेकिन महिलाओं का कहना है कि वह शराब की दुकानों के खिलाफ विरोध जारी रखेंगी।
हाइवे से हटने के बाद यहां की शराब की दुकान अब तक विरोध के कारण नहीं खुल पाई है। इस बीच देवीनगर में एक व्यक्ति ने शराब की दुकान खोलने के लिए अपनी जमीन शराब के ठेकेदार को दे दी। बुधवार दोपहर बाद देवीनगर में हाइवे से काफी दूरी पर शराब की दुकान खोलने के लिए ठेकेदार के आदमी एक अस्थायी छप्पर को तैयार करने में लगे थे कि तब तक देवीनगर गांव की महिलाएं मौके पर पहुंच गई। उन्होंने छप्पर बनाने का काम रोक दिया। महिलाओं का नेतृत्व कर रही बसंती देवी ने कहा कि शराब की दुकान यदि इस इलाके में खुली तो माहौल खराब हो जाएगा। महिलाओं के विरोध को देखते हुए ठेकेदार के आदमियों ने छप्पर बनाने का काम रोक दिया और पुलिस को इसकी सूचना दे दी। थाना प्रभारी बलवंत कंबोज ने बताया कि शराब की दुकान का विरोध कर रही छह महिलाओं के खिलाफ धारा 107, 116 में शांतिभंग की आशंका में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इधर, जिलाधिकारी सी रविशंकर ने आबकारी विभाग और प्रशासन को आदेश दिए हैं कि जिले में अब तक बंद पड़ी शराब की दस दुकानों को हर हाल में दस मई से पहले खोला जाए। शराब की दुकान बंद होने से राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस आदेश के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन किसी भी दशा में शराब की दुकानों के संचालन में लगा हुआ है। बता दें कि जिले में देसी और विदेशी शराब की कुल 26 दुकानों में से अब तक 16 दुकान ही खुल पाई हैं। यह सभी दुकान हाइवे से हटकर खोली गई हैं।