लखनपुर में मलबे में दबी रॉक कटर मशीन
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घटियाबगड़-लिपुलेख एनएच निर्माण के दौरान लखनपुर में छह और सात फरवरी को हुए भूस्खलन में कीमतें मशीनें दब गई। सीमा सड़क संगठन के अधीन काम कर रही गर्ग एंड गर्ग कंपनी (जीएंडजी) को 3.40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जीएंडजी कंपनी की ओर से पांगला थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। मशीनों के आपरेटरों ने भूस्खलन का आभास होते ही छलांग लगाकर जान बचाई।
जीएंडजी कंपनी की ओर से प्रबंधक संतोष कुमार पैन्यूली ने यह रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि यह भूस्खलन ऐसे स्थान पर हुआ, जहां पर इसकी कोई संभावना नहीं थी। पहाड़ी पर पहले से कोई दरार भी नहीं पड़ी है। बताया गया कि भूस्खलन से जीएंडजी कंपनी की फिनलैंड से मंगाई गई रॉक ड्रिल मशीन (जिसकी कीमत दो करोड़ रुपये है) पूरी तरह नष्ट हो गई। इसके अलावा एक्सकेवेटर पोकलैंड मशीन (जिसकी कीमत 70 लाख रुपये है) और हाइड्रोलिक पोकलैंड मशीन (जिसकी कीमत 70 लाख रुपये है) दोनों ही भूस्खलन में दब गई। कंपनी की ओर से प्रशासन को दिए गए पत्र में कहा गया है कि कीमतों मशीनों के नष्ट होने से सड़क निर्माण के काम में बाधा पहुंचेगी। भूस्खलन 30 मीटर ऊंचाई से हुआ और बनाई गई सड़क का काफी हिस्सा ध्वस्त हो गया है। इधर, जानकारी मिली है कि मशीनों के मलबे में दबने से शुक्रवार को सड़क निर्माण का काम बाधित रहा। इतनी भारी मशीनों को चट्टानों और मलबे से बाहर निकालना काफी मुश्किल है।
सीमा सड़क संगठन ने घटियाबगड़ से लिपुलेख तक मार्च के अंत तक सड़क पहुंचाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब भूस्खलन के कारण इसमें बाधा पहुंचने लगी है। एसडीएम आरके पांडे ने कहा कि प्रशासन ने एक टीम मौके पर भेज दी है। भूस्खलन की स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि मलबे में दबी मशीनों को बाहर निकालने के लिए प्रयास किए जाएंगे।