वसंत पंचमी पर डीडीहाट में पीले रूमाल धारण किए बच्चे
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लक्ष्मण सिंह महर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ की ओर से महाविद्यालय परिसर में वसंत पंचमी पर लक्ष्मी पूजा का आयोजन किया गया। मंत्रोच्चारण के साथ सभी विधि-विधान पूरे कराए गए। इसके बाद दीप जलाकर अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत की गई।
छात्रसंघ अध्यक्ष नितिन मारकाना ने कहा कि हिंदू धर्म में वसंत पंचमी का विशेष महत्व है। इसे श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने वसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला। सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष कंचन खर्कवाल ने बताया कि वसंत ऋतु आते ही हर तरफ एक नई उमंग दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि प्राचीनकाल से इसे ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती का जन्मदिवस माना जाता है। इस दौरान कमलेश पंत, लवि महर, नरेंद्र भंडारी, लोकेंद्र साह, महेंद्र देऊपा आदि मौजूद थे।
थल में राजपूत एलिमेंट्री पब्लिक स्कूल में वसंत पंचमी पर स्कूल प्रबंधक संजय चंद के नेतृत्व में स्टाफ ने पूरे विधि विधान से पूजा-अर्चना की। बच्चों को प्रसाद बांटा गया। सभी छात्र-छात्राओं ने पीले वस्त्र पहने थे। डीडीहाट में बच्चों के सिर का जौ के तिनकों से पूजन किया गया। बाद में उनको वसंत के आगमन के प्रतीक के रूप में पीला रुमाल भेंट किया गया।