सीमावर्ती गांव के रं समुदाय की महिलाएं कम पढ़ी - लिखी होने के बावजूद मताधिकार के प्रयोग को लेकर काफी जागरूक हैं। व्यास घाटी के गर्ब्यांग गांव की 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला बिश्मती गर्ब्याल को उनकी बहू विनीता गर्ब्याल अपनी पीठ पर तीन किमी दूर राप्रावि मतदान केंद्र में ले गईं। केंद्र में आमा बिश्मती देवी ने पूरे उत्साह के साथ मतदान किया।
उधर कनालीछीना विकास खंड के डांगटी गांव में 87 वर्षीय मोतिमा देवी घर में अकेली हैं। उनका पुत्र और उसका परिवार बाहर रहता है। आईएलएसपी के स्वयं सेवी उन्हें मतदान केंद्र तक लाए। मोतिमा देवी की आंखों में बहू-बेटे के घर में अकेला छोड़कर बाहर रहने का दुख भी साफ दिखाई दिया।