वर्ष 2010 की परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र चोरी की घटना के बाद अतिसंवेदनशील घोषित किए गए राजकीय इंटर कॉलेज कनालीछीना के परीक्षा केंद्र से इस बार भी यह ठप्पा नहीं हट पाया है। बुधवार को रामनगर में हुई बोर्ड परीक्षा की तैयारी बैठक में बोर्ड ने इस बार भी कनालीछीना को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रख दिया है, जबकि जिला स्तर से शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी यह रिपोर्ट दे चुके हैं कि अब कनालीछीना में व्यवस्थाएं सामान्य हो गई हैं, लेकिन बोर्ड ने इस तर्क को नहीं माना।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने बताया कि जिले में 15 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इनमें जीआईसी धारचूला, देवसिंह इंटर कॉलेज पिथौरागढ़, जीआईसी गंगोलीहाट, पय्यांपौड़ी, खेला, चौरपाल, पव्वाधार, रांथी, पांगू, सिनलेख, रोड़ीपाली, रसैपाटा, जुम्मा, सल्लाचिंगरी और उछैती शामिल हैं। परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए चार सचल दलों का गठन किया गया है।
इसके अलावा दूरस्थ परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए 12 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि परीक्षाएं 17 मार्च से 10 अप्रैल तक चलेंगी। उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिए देवसिंह राजकीय इंटर कॉलेज को मुख्य संकलन केंद्र और डीडीहाट, धारचूला में उप संकलन केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच 17 अप्रैल से शुरू होगी।
96 केंद्रों में 16606 परीक्षार्थी
मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने बताया कि कुल 96 परीक्षा केंद्रों में हाईस्कूल के 8449 और इंटर के 8157 परीक्षार्थी शामिल होंगे। 96 परीक्षा केंद्रों में केंद्र व्यवस्थापक और इतने ही कस्टोडियन तैनात किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक होगी और छह मार्च को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक होगी।
सबसे ज्यादा परीक्षार्थी जीआईसी धारचूला में
जीआईसी धारचूला परीक्षा केंद्र से सबसे ज्यादा 483 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जबकि सबसे कम परीक्षार्थी इंटर कॉलेज सातशिलिंग और मूनाकोट में हैं। इनकी संख्या 75 है। सभी 96 परीक्षा केंद्रों को मिश्रित केंद्र बनाया गया है। इनमें हाईस्कूल और इंटर के परीक्षार्थी शामिल होंगे।