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गंभीर आशंका से घिरे खोतिला गांव के लोग 

Mon, 07 Nov 2016 05:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)।
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महाकाली में पटा खोतिला के भूस्खलन का मलबा। - फोटो : अमर उजाला
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चार अक्तूबर से लगातार भूस्खलन के झटके सहन कर रहे खोतिला गांव के लोग अब गंभीर आशंका से घिर गए हैं।


महाकाली में गिरा मलबा अब तक नहीं हटाया गया है। यदि मलबा नहीं हटता तो शीतकाल में बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह खतरा पैदा कर सकता है। पिछले दिनों जिलाधिकारी डॉ. रंजीत सिन्हा ने खोतिला का दौरा करने के बाद स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने सभी संबंधित विभागों के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि भूस्खलन के बाद पैदा हुई स्थितियों पर नजर रखें और बचाव के लिए उपाय करें।

गांव के लोगों का कहना है कि सबसे पहले पैदल रास्ते की मरम्मत की जानी जरूरी है। क्योंकि पैदल रास्ता टूट जाने से गांव के लोगों का आवागमन बंद हो गया है। प्रशासन ने कुछ वाहनों की व्यवस्था तो कर रखी है लेकिन हर समय यह वाहन मिलना संभव नहीं रहता। गांव के युवा सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण सिंह ने कहा कि पीएमजीएसवाई सड़क का निर्माण तो कर रहा है लेकिन सड़क बनने में समय लगेगा और लोगों को सड़क मार्ग से धारचूला पहुंचने में छह किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा। इसमें लोगों को किराया भी ज्यादा देना पड़ेगा।
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लोनिवि खोतिला गांव के लिए सुरक्षित पैदल रास्ते को तैयार करने के लिए प्रयास कर रहा है लेकिन चारों ओर से हुए भूस्खलन के बीच सुरक्षित स्थान निकाल पाना काफी कठिन है। इस बीच गांव के लोगों को यह डर सता रहा है कि कहीं नदी का जलस्तर बढ़ने पर भूकटाव ज्यादा तेज न हो जाए। अभी भी नदी के किनारे मलबा उसी हालत में है। गांव में कई लोगों के खेत मलबे से पट गए हैं और मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है।
 
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