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Pithoragarh News: खेतार कन्याल को 14 महीने बाद मिलेगा मुखिया

Thu, 01 Oct 2026 11:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। आखिरकार वनराजी बाहुल्य गांव खेतार कन्यालय को 14 महीने बाद अपना मुखिया मिलेगा। विकासखंड डीडीहाट की इस सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने आम सहमति से गांव के सबसे शिक्षित युवा को गांव का निर्विरोध प्रधान चुनने का निर्णय लिया है। इसकी अब सिर्फ औपचारिक घोषणा होगी।
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यह पद अनुसूचित जनजाति की महिला के लिए आरक्षित था हालांकि गांव में कोई भी वनराजी महिला आठवीं पास नहीं मिली। वनराजी समुदाय के लोगों को ही अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है। विलुप्त हो रहे इस समुदाय के उत्थान के दावों के बावजूद यह स्थिति बनी। इस कारण पंचायत चुनाव में मुखिया का चुनाव नहीं हो सका था। अब उपचुनाव में यह सीट अनुसूचित जनजाति के पुरुष के लिए आरक्षित की गई। ग्रामीणों ने बैठक कर कूटा तोक निवासी कमल सिंह रजवार के नाम पर सहमति बनाई।

कमल सिंह रजवार 12वीं पास हैं। वह अपने समुदाय में सबसे अधिक शिक्षित युवा हैं। एकमात्र नामांकन होने के कारण उनका निर्विरोध प्रधान चुना जाना तय है। इस घोषणा के बाद गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब गांव का विकास तेजी से होगा।
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मुखिया न होने से अटक गए थे विकास कार्य
14 महीने से ग्राम प्रधान का पद रिक्त होने के कारण पंचायत में विकास कार्य ठप पड़े थे और ग्रामीणों को जरूरी कागजात बनाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कमल एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता किसान हैं और माता गृहिणी हैं। उनकी तीन बहनें हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि शिक्षित प्रधान के नेतृत्व में गांव के विकास को नई गति मिलेगी। बैठक में कृष्ण सिंह, भुवन सिंह, चामू सिंह, सुंदर सिंह, पूर्व प्रधान महेश सिंह कन्याल, गोपाल राम, नारायण राम, पद्मा देवी पार्वती देवी सहित सभी ग्रामीण शामिल रहे।

चुनावी मैदान में उतरे थे चार उम्मीदवार
ग्राम प्रधान पद के लिए कमल के साथ गुमान सिंह, डिगर सिंह, धन सिंह ने दावेदारी पेश की थी। इसके बाद गांव के लोगों ने बैठक की। बैठक में तय किया गया कि गांव के सबसे शिक्षित व्यक्ति को प्रधान चुने जाने से गांव का विकास होगा। सभी ने अन्य तीन प्रत्याशियों को भी कमल के पक्ष में समर्थन देने के लिए मना लिया। अब एकमात्र प्रत्याशी होने के कारण कमल का निर्विरोध ग्राम प्रधान चुना जाना तय है। संवाद

चुनावी प्रक्रिया में वनराजियों के उत्थान की कड़वी हकीकत आई सामने
जिले के वनराजी बहुल गांव खेतार कन्याल में शिक्षा की ऐसी कड़वी हकीकत सामने आई जिसने पंचायत चुनाव को ही रोक दिया। यहां प्रधान पद की सीट महिला आरक्षित थी लेकिन गांव में एक भी महिला आठवीं पास नहीं मिली। हालात इतने गंभीर हैं कि सर्वे में 162 वनराजियों में से सिर्फ 15 पुरुष ही आठवीं पास मिले और सिर्फ वनराजी पुरुष इंटर पास है जिसे आज सबसे अधिक शिक्षित होने पर गांव के प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा। वनराजियों के विकास के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बाद भी गांव में सिर्फ 10 फीसदी पुरुषों का आठवीं पास मिलना सरकारी दावों और योजनाओं की हकीकत बयां कर रहा है।

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खेतार कन्याल में आठवीं पास महिला प्रत्याशी के न मिलने से प्रधान का चुनाव नहीं हो सका था। अब आरक्षण में बदलाव कर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई है। आरक्षण बदलने के बाद एक उम्मीदवार का एकल नामांकन हुआ है। ऐसे में अब इस गांव में प्रधान का चुनाव होगा। -हरीश आर्या, जिला पंचायत राज अधिकारी, पिथौरागढ़
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