पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड के ख्वांकोट और भागीचौरा क्षेत्र के गांवों में पशुओं में अज्ञात बीमारी फैली हुई है। अब तक पांच पशुुओं की मौत हो गई है। पशुओं में लंपी जैसी बीमारी के लक्षण दिखने से पशुपालक परेशान हैं। उन्होंने पशुपालन विभाग से प्रभावित गांवों में शिविर लगाने का अनुरोध किया है।
क्षेत्र के कई गांवों में पखवाड़े भर से पशुओं में बीमारी का प्रकोप बताया जा रहा है। ख्वांकोट के क्षेत्र पंचायत सदस्य हरीश पोखरिया ने बताया कि पशुओं के शरीर में फफोले हो रहे हैं और वह पैर भी जमीन पर नहीं रख पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दीवान सिंह पोखरिया की भैंस, बीना सामंत की एक गाय, एक बछड़ा, नारायण सिंह और दीपा कन्याल की एक-एक गाय बीमारी से मर चुकी है।
ख्वांकोट, कोटली, महतगांव में कई गाय बीमार बताई जा रही हैं। पोखरिया ने बताया कि गांवों में पशुपालन विभाग से फार्मासिस्ट आ रहे हैं लेकिन बीमारी का पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने बताया कि बीमार पशुओं को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। उन्होंने पशुपालकों को मुआवजा दिलाने की भी मांग उठाई है।
पशुओं की जांच के लिए गांवों में टीम भेजी जा रही है। यह फैलने वाली बीमारी है। पशुपालक बीमार पशुओं को अलग रखें। -डॉ. पंकज जोशी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पिथौरागढ़।
डांगठी में लगाया चिकित्सा शिविर
पिथौरागढ़। भागीचौरा के डांगठी गांव में पशुओं में बीमारी फैलने की सूचना पर चिकित्सा शिविर लगाया गया। शिविर में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनीता राय, फार्मासिस्ट ज्योति, पशुधन सहायक पीतांबर पांडेय ने 29 बड़े एवं 20 छोटे पशुओं की इलाज कर दवा दी। साथ ही पशुओं में होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी भी दी गई। पशुपालकों को पशुधन बीमा के लिए प्रेरित किया गया। संवाद
थल क्षेत्र के पशुओं में भी फैली बीमारी
थल (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के सैनर, भट्टीगाव, मड़, जुजोली, गोल, हीपा, नायल सपोली, लोदियाथल, प्रेमनगर, सेलावन, सिल्दों,चौसाला, बड़ैत, सानी गांव, चलमोड़ी, पांखू में पिछले सात दिनों से पशुओं में अज्ञात बीमारी फैली हुई है। पशुओं में बुखार के साथ पूरे शरीर में बड़े-बड़े दाने निकल रहे हैं। पशु खाना-पीना छोड़ रहे हैं। साथ ही वह अपनी जगह से उठ भी नहीं पा रहे हैं। थल के पशु चिकित्साधिकारी डॉ.राकेश पाठक ने बताया कि जिन स्थानों से पशुओं के बीमार होने की सूचना आ रही है वहां पर शिविर लगाए जा रहे हैं। दवा देने से पशु ठीक हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि दवाएं प्रचुर मात्रा में हैं। संवाद