फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूध कलेक्शन सेंटर के मलबे में बैठी रहती है कमला

Fri, 13 Jul 2018 10:59 PM IST
कृष्णा गर्ब्याल/अमर उजाला, धारचूला
विज्ञापन
मलबे के ढेर में बैठी आपदा में दुकान दूध संग्रह केद्र गंवाने वाली कमला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

दो जुलाई की आपदा ने क्षेत्र के कई गांवों को गहरे जख्म दिए हैं। गलाती के गडाली में स्वायत्त सहकारिता के माध्यम से चलाया जा रहा दूध कलेक्शन सेंटर भी बह गया, इससे गांव के कई लोगों का रोजगार छिन गया। गडाल में दुकान और दूध का संग्रहण केंद्र चलाकर अपने भाई-बहनों का भरण-पोषण कर रही कमला (28) हादसे के बाद से बदहवास है। वह घंटों दूध कलेक्शन सेंटर के मलबे में उदास बैठी रहती है।

विज्ञापन


कमला गडाल में दुकान के साथ ही दूध कलेक्शन सेंटर का संचालन करती थीं। सेंटर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। अब दुकान वाली जगह पर कमला घंटों बैठे रहती है। उसे यकीन ही नहीं हो रहा कि प्रकृति ने उसका रोजगार एक झटके में छीन लिया। कमला को लोग समझाते हैं कि मलबे के ढेर में बैठने से कुछ नहीं होगा, उसे हौसला रखकर फिर से अपना व्यवसाय खड़ा करना होगा, लेकिन कमला कुछ नहीं बोलती।

जीवट कमला ने वर्ष 2010 में अपने पिता खड़क सिंह की मृत्यु के बाद घर की जिम्मेदारियों को देखते हुए अपने भाई, बहनों के पैरों में खड़े होने तक विवाह नहीं करने का निर्णय लिया और दुकान चलाने लगी। अपने मधुर स्वभाव और ईमानदारी के कारण दुकान अच्छी चल रही थी। गांव से बाजार को आने वाले दूध का कलेक्शन सेंटर भी बेहतर चल रहा था। करीब 100 लीटर दूध रोज कमला के दूध कलेक्शन सेंटर में आता था।
विज्ञापन


कमला के भाई भवान (17), आनंद (15) अभी पढ़ाई कर रहे हैं, बहन अनीता (22) स्नातक की शिक्षा हासिल कर चुकी है। कमला को यही चिंता है कि अब वह परिवार का भरण-पोषण कैसे करेगी। लोगों ने कमला की मदद के लिए सरकार से पुख्ता कदम उठाने की मांग की है।

देवेंद्र भी हो गए बेरोजगार
धारचूला। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तीनतोला के पास ज्यूंगती नाले के किनारे मत्स्य पालन कर आजीविका चला रहे देवेंद्र सिंह गर्ब्याल का रोजगार भी छिन गया है। नाले में बाढ़ आने से देवेंद्र का मछली तालाब, घर का सारा सामान, सोलर सिस्टम बह गया। लोग धारचूला से पिकनिक मनाने तीनतोला जाते थे, जहां खाने की भी व्यवस्था थी। मत्स्य विभाग ने मत्स्य बीज केंद्र खोला था, जिसमें उन्नत नस्ल की मछलियों की ब्रीडिंग कर क्षेत्र के ग्रामीणों को मत्स्य पालन के लिए प्रेरित करने की योजना थी। देवेंद्र आज रोजगार के लिए भटक रहा है।

घर बहने से लोग परेशान
धारचूला। दो जुलाई की अतिवृष्टि से गडाल तोक के केदार जेठा, कल्याण जेठा, गगन सिंह, विशन जेठा, गोविंद जेठा के घर बह गए। मंगल सिंह, कमान सिंह का आंगन, घर को जाने वाला रास्ता तबाह हो गया। लोगों ने भागकर किसी तरह जान बचाई। गलाती के प्रधान लाल सिंह, उप प्रधान हरी राम टम्टा, गोविंद दानू, मदन दानू ने वर्ष 2013 की तर्ज पर गडाल के ग्रामीणों को राहत देने और गडाल के लोगों का पुनर्वास करने की मांग की है। कहा है कि रेडक्रॉस और प्रशासन ने टेंट दिए हैं। इससे अधिक कोई मदद नहीं मिल पाई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें