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रं संस्कृति से रू-ब-रू होंगे कैलास यात्री

Sat, 16 Apr 2016 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
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रं कल्याण संस्था के केंद्रीय महासचिव ने किया निरीक्षण - फोटो : अमर उजाला
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इस वर्ष कैलास मानसरोवर यात्रियों और धारचूला आने वाले पर्यटकों को आधार कैंप में रं संग्रहालय में रं जनजातियों की संस्कृति की आकर्षक झलकियों से रूबरू होने को मौका मिलेगा। रं म्यूजियम के कार्य की प्रगति के निरीक्षण को पहुंचे रं कल्याण संस्था के केंद्रीय महासचिव कृष्ण सिंह रौतेला ने कहा कि सारी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि यात्रा सीजन में म्यूजियम को देखने के लिए अधिक से अधिक लोग आ सकें।
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उन्होंने कहा कि इस बार 10 मई से रं संग्रहालय को पर्यटकों और आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा। यह कोशिश की जाएगी कि कैलास मानसरोवर एवं छोटा कैलास की यात्रा पर जाने वाले यात्री संग्रहालय में आएं और रं संस्कृति के खानपान, कृषि, आखेट, वाद्ययंत्रों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी ले सकें। उन्होंने कहा कि यात्रियों को आकर्षित करने के लिए सांस्कृतिक झांकी भी निकाली जाएगी। इससे रं संस्कृति को देश के अन्य हिस्सों के लोग भी जान सकेंगे।

इस अवसर पर रं संग्रहालय के रखरखाव और भावी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समिति का भी गठन किया गया, जिसके लिए सेवानिवृत्त व्यापार कर आयुक्त हनुमान सिंह नबियाल को संरक्षक और कृष्णा गर्ब्याल का समन्वयक बनाया गया। साथ ही रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष अशोक नबियाल, व्यांसी शौका समुदाय के ग्येलबो बोरा, चमक तिंकरी, देवकृष्ण फकलियाल, जीवन रौंकली, मंगल दाबरा, विरेंद्र नपलच्याल, सतीश गर्ब्याल को सदस्य बनाया गया है, जो गांव-गांव जाकर प्राचीन वस्तुओं का संग्रहण के साथ ही लोगों को म्यूजियम के महत्व के बारे में भी बताएंगे। इस दौरान सुंदर बौनाल, महेंद्र बदियाल, जगेश गर्ब्याल ने कई सुझाव रखे। बैठक में रं समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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