कैलास यात्रा पर जा रहे चौथे दल के सदस्यों का पर्यटक आवासगृह पहुंचने पर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। दोपहर का भोजन करने के बाद यात्रा दल आईटीबीपी मिर्थी पहुंचा, जहां छलिया दल ने यात्रियों की अगवानी की।
चौथे दल के लाइजनिंग आफिसर कुलाथू चंदु ने बताया कि दल में 31 पुरुष और 14 महिलाओं सहित कुल 45 यात्री हैं। पर्यटक आवास गृह डीडीहाट में दोपहर के भोजन में यात्रियों को भट्ट की चुड़कानी, मडु़वे की रोटी, पहाड़ी चावलों की खीर, चावल की रोटी, रायता आदि परोसा गया। यात्रियों ने मड़ुवे की रोटी और भट्ट की चुड़कानी को सर्वाधिक पसंद किया। टीआरसी के मैनेजर आनंद आर्या ने बताया कि प्रत्येक दल को कुमाऊंनी व्यंजन परोसे जाएंगे। दोपहर के भोजन के बाद दल आईटीबीपी मिर्थी पहुंचा, जहां दल का स्वागत किया गया।
सेनानी महेंद्र प्रताप ने यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र के पैदल रास्तों, यात्रा मार्ग पर बदलते मौसम और पैदल यात्रा मार्ग पर आईटीबीपी द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी गई। दल के सबसे छोटे यात्री भानु शर्मा (22) और सबसे बुजुर्ग आनंद लाल (69) दोनों राजस्थान के हैं। दल मिर्थी से आधार शिविर धारचूला को रवाना हुआ। आईटीबीपी कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार 55 सदस्यीय पहला दल कैलास पर्वत की परिक्रमा में कुंजू नामक स्थान पर हैं। दूसरा 48 सदस्यीय दल तकलाकोट में और तीसरा 38 सदस्यीय दल गुंजी पहुंच गया हैं। यात्रियों के स्वागत के समय आईटीबीपी के सहायक सेनानी कुलदीप सिंह, डा. प्रकाश जैना, डा. शशांक, प्रेम कुमार मौजूद थे।
यात्रा पूरी कर लौटा छोटा कैलास का पहला दल
पिथौरागढ़। छोटा कैलास की यात्रा पूरी कर पहला दल लौट आया है। पिथौरागढ़ पर्यटक आवास गृह पहुंचने पर यात्रियों का स्वागत किया गया। निगम प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि दल में कुल 42 यात्री शामिल हैं, जिनमें से 7 महिला और 35 पुरुष हैं। यात्रा दल में दो यात्री उपकार सिंह एवं रजनी सिंह उत्तराखंड से हैं। दल के समन्वयक संतोष पंत ने बताया कि यात्रा दल में 68 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल हैं। यात्रियों ने छोटा कैलास को दर्शनीय स्थल बताते हुए कहा कि वह लोग फिर छोटा कैलास की यात्रा पर आएंगे। आवासगृह में हर सिंह, सुनील, संजय, संजू पुनेड़ा, शंकर, महेश, गणेश और अजय धामी आदि ने यात्रियों का स्वागत किया।