खराब मौसम के कारण आठ जुलाई से पिथौरागढ़ में फंसे सातवें दल के 57 कैलाश मानसरोवर यात्रियों को अब भी मौसम खुलने का इंतजार है, ताकि वह गुंजी के लिए उड़ान भर सकें। मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौट रहे तीसरे और चौथे दल के 114 यात्री शनिवार को भी गुंजी से पिथौरागढ़ नहीं आ सके।
छियालेख में मौसम खराब होने के कारण शनिवार को भी एमआई 17 हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया। गुस्साए यात्रियों ने शाम को गुंजी में प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम धारचूला आरके पांडे शाम छह बजे हेलीकॉप्टर से गुंजी गए और यात्रियों से बातचीत की। सातवीं वाहिनी आईटीबीपी के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार पांचवें दल के यात्री मानसरोवर की परिक्रमा कर रहे हैं। छठे दल के यात्री जुंजीपू पहुंचे हैं।
इस बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा में आए व्यवधान के बीच जिला प्रशासन ने विदेश मंत्रालय से पांच 5 सीटर हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने की मांग की है। इन हेलीकॉप्टरों से यात्रियों को धारचूला से बूंदी तक पहुंचाने की योजना है। प्रभारी जिलाधिकारी वंदना ने बताया कि शासन जिले को एक अतिरिक्त हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा रहा है। रविवार को यह हेलीकॉप्टर पिथौरागढ़ पहुंच जाएगा।
यात्रियों को गुंजी तक पहुंचाने की हो वैकल्पिक व्यवस्था
यहां फंसे 57 यात्रियों के दल ने अमर उजाला से बातचीत में यात्रियों ने कहा कि सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। यात्री एमआई 17 हेलीकॉप्टर के स्थान पर छोटे हेलीकॉप्टरों से गुंजी तक का सफर कराने की आवश्यकता बता रहे हैं। इस दल को शनिवार को चीन की सीमा में प्रवेश करना था।
कैलाश दर्शन के लिए जाने की उम्मीद
मुंबई निवासी महिला यात्री ज्योत्सना नाईक (60) कहती हैं कि मौसम खुलने का इंतजार है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि कैलाश मानसरोवर के दर्शन के लिए जरूर जाएंगी। कहती हैं कि केएमवीएन की व्यवस्थाएं बहुत बेहतर हैं।
प्रशासन के प्रयास में कमी नहीं
जबलपुर मध्य प्रदेश के विजय कुमार श्रीवास्तव (58) कहते हैं कि प्रशासन के प्रयास में कोई कमी नहीं है। केएमवीएन स्थानीय धार्मिक और पर्यटन स्थलों के दर्शन करा रहा है। रई गुफा, लटेश्वर मंदिर, चंडका मंदिर, लंदन फोर्ट संग्रहालय के दीदार कर चुके हैं।
सब कुछ भोले की इच्छा पर निर्भर
मुरादाबाद के राम बाबू गुप्ता (52) सब कुछ भोले की इच्छा पर छोड़ते हुए कहते हैं कि जल्द से जल्द मौसम खुले इसी का इंतजार है। कहते हैं कि घर में लोगों से रोज फोन पर बात हो रही है, किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
आगे की यात्रा शुरू होने का इंतजार
बंगलूरू (कर्नाटक) की शोभा चंदर (63) अपने पति चंदर नंदी (69) के साथ यात्रा पर जा रही हैं। कहती हैं कि जल्द से जल्द से बाधा हटे और आगे की यात्रा शुरू हो, इसी का इंतजार है। केएमवीएन की व्यवस्थाओं को यह दंपति भी सराहते हैं।
छोटे हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करे सरकार
अहमदाबाद (गुजरात) निवासी सोनल हरीश पटेल (37) कहती हैं कि वह लोग सात दिन से यहां फंसे हैं। सरकार को एमआई 17 के स्थान पर छोटे हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि गुंजी तक का सफर आसान हो सके।
प्लेन से चीन भेजे सरकार
जयपुर राजस्थान के मनमोहन व्यास (69) प्लेन से चीन भेजने पर जोर देते हैं। कहते हैं कि यात्री अतिरिक्त भुगतान देने को तैयार है। बादल हटाने के लिए चीन की तरह केमिकल का प्रयोग करना चाहिए।