कैलास मानसरोवर यात्रा संपन्न होने के बाद यात्रा मार्ग पर तैनात स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) की टीम लौट आई है। यात्रा के दौरान एसडीआरएफ ने नजंगगाड़, सिमखोला और बिंद्राकोटी के पास नालों में अस्थायी पुल निर्माण किए। हर यात्री दल को समय पर सहायता पहुंचाई। यात्रा के दौरान धारचूला, गाला और मालपा में एसडीआरएफ के छह-छह जवान तैनात किए गए थे।
एसडीआरएफ के उप सेनानायक हरीश चंद्र सती ने बताया कि कैलास यात्रा के दौरान उनकी टीम ने बेहतरीन काम किया। धारचूला से गुंजी तक ऐसी व्यवस्था की गई कि एक टीम धारचूला में तो एक टीम गुंजी में तैनात कर दी गई, ताकि उस बीच में किसी तरह की दिक्कत आने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने बताया कि कैलास मानसरोवर की यात्रा में इस बार 18 दलों में 609 पुरुष और 174 महिलाएं शामिल हुईं। नौ यात्रियों ने पारिवारिक कारणों तथा स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते यात्रा पूरी नहीं की। एक महिला यात्री की माउंटेन सिकनेस के कारण मौत हो गई थी। नजंगगाड़ के पास 20 फीट रास्ता टूट जाने से सपोर्टिंग रोप लगानी पड़ी थी।
श्री सती ने बताया कि नेपाल के माओवादियों के कालापानी कूच को भी विफल किया गया। धारचूला के सीओ हिमांशु शाह और गुंजी के थाना प्रभारी महेश कांडपाल ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इस अभियान को नाकाम किया था। पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने एसडीआरएफ की टीम का स्वागत करते हुए कहा कि भविष्य में भी आपदा से निपटने के लिए इसी तरह की मुस्तैदी करें।