पिथौरागढ़ में पौधरोपण करते कैलाश यात्री
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कैलाश मानसरोवर यात्रा के दसवें दल के 25 यात्री तकला कोट (चीन) पहुंच गए हैं। इसी दल के शेष 19 यात्री पिछले 13 दिन से पिथौरागढ़ में ही फंसे हैं। मंगलवार को भी ये यात्री खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर से गुंजी नहीं जा पाए। 9वें दल के यात्री तकला कोट से गुंजी लौट आए हैं।
11वेें दल के 41 यात्री भी चौकोड़ी से पिथौरागढ़ पहुंच गए हैं। दसवें दल के यहां रुके 19 यात्रियों को 11वें दल में मर्ज कर दिया गया है। मौसम खुलने पर 11वें दल के सभी 60 यात्रियों को वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से गुंजी भेजा जाएगा। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी कंट्रोल रूम मिर्थी से मिली जानकारी के अनुसार सातवें दल के 33 यात्री पिछले 13 दिनों से और आठवें दल के यात्री वापसी में दो दिनों से गुंजी में रुके हैं।
दसवें दल के 25 यात्री मंगलवार सुबह लिपुपास से चीन के तकला कोट में प्रवेश कर गए हैं। इससे पहले चीनी सुरक्षा एजेंसियों ने 9वें दल के यात्रियों को आईटीबीपी कमांडो दस्ते के सुपुर्द किया। उच्च हिमालयी क्षेत्र में छियालेख और गर्ब्यांग में घना कोहरा छाया है। यात्रा के नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी ने बताया कि बुधवार को मौसम खुलने पर 11वें दल के यात्रियों को गुंजी पहुंचाया जाएगा।
शहीदों के नाम दीप जलाया
पिथौरागढ़। कैलाश यात्रा के 11वें दल के यात्रियों ने शहीद स्मारक पर एक दीप शहीदों के नाम जलाया। यात्रियों को हिमालय बचाओ अभियान के तहत शपथ भी ली। बाद में पर्यावरण संरक्षण के लिए यात्रियों ने उल्का देवी वाटिका में एक पौधा धरती मां के नाम लगाया।