रं संग्रहालय में प्राचीन वस्तुओं को देखते कैलास यात्री
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कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौटे तीसरे दल के यात्रियों ने शनिवार को धारचूला में रं संग्रहालय में रखी प्राचीन वस्तुओं को देखा। संग्रहालय में रं समाज की प्राचीन वेशभूषा, 200 वर्ष पूर्व दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं को देख यात्री अभिभूत हो गए। 8 महिलाओं समेत 38 सदस्यों वाले इस दल को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। इस दल के लायजन आफीसर सुरेश्वर बोनाल धारचूला के बोना गांव के निवासी हैं। यात्रियों ने बताया कि उनको कैलास पर्वत, ऊं पर्वत, नमज्युंग पर्वत, कालापानी के साफ दर्शन हुए। इन इलाकों में मौसम सुहावना मिला।
यात्रियों ने रं कम्युनिटी स्कूल की गतिविधियां देखी। उपप्रधानाचार्य डीएस नाथ के नेतृत्व मेें स्टाफ एवं विद्यालय के बच्चों ने यात्रियों का स्वागत किया। यात्रियों ने स्कूल के चैरिटी पर चलाए जाने पर खुशी जताई। कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा प्राप्ति पर सभी का अधिकार है तथा बच्चों को कम से कम शुल्क में शिक्षा मिलनी चाहिए। रं संग्रहालय में उर्मिला गुंज्याल, सुक्कू गर्ब्याल, दलीप सिंह, डब्बू सिंह ने यात्रियों को संग्रहालय में रखी वस्तुओं की जानकारी दी। यात्रा पर 13वीं बार गए दिल्ली के देवेंद्र मुद्गल ने कहा कि इतनी बार यात्रा में जाने के बावजूद रं संस्कृति को करीब से जानने का मौका पूर्व में कभी नहीं मिला।
बीकानेर राजस्थान के विजय कुमार शर्मा एवं दिल्ली के सुशील कुमार ने कहा कि पहली बार यात्रा में आकर असीम शांति की अनुभूति मिल रही है। यात्रा रूट के व्यांस, चौदांस क्षेत्र के सीधे सादे ग्रामीणों से रूबरू होकर खुशी मिली। यात्रा अधिकारी दीवान बिष्ट और यतीश पंत ने कहा कि यात्री रविवार को दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।