कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौट रहे पांचवें दल के सदस्यों को रविवार को भारी परेशानी उठानी पड़ी। यह दल सुबह 11 बजे धारचूला से डीडीहाट को निकला तो बगड़ीहाट में रोड बंद थी। एक बजे से दल के 37 सदस्य बगड़ीहाट में सड़क खुलने के इंतजार में बैठे रहे। इस दल के पांच सदस्यों ने मौसम खराब होने के कारण रविवार सुबह धारचूला से आगे बढ़ने का इरादा छोड़ दिया। यह पांच यात्री धारचूला में ही रुके हैं। यदि रोड खुली होती तो पांचवें दल के सदस्य रात्रि विश्राम के लिए जागेश्वर पहुंच जाते।
पांचवें दल की लायजन आफीसर शशिप्रभा द्विवेदी ने सीमा सड़क संगठन और प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि अब वह पीछे नहीं जाएंगे। चाहे उनको बगड़ीहाट में ही क्यों न रुकना पड़े। इस दल में दस महिलाएं और 27 पुरुष हैं। सीमा सड़क संगठन के द्वितीय कमान अधिकारी आरबी अग्रवाल ने बताया कि सड़क खोलने में तेज बारिश के कारण बाधा पहुंच रही है। मजदूरों को सड़क खुलने तक छुट्टी नहीं दी जाएगी। आमतौर पर मजदूर पांच बजे के बाद काम बंद कर देते हैं। धारचूला से डीडीहाट आने के लिए दूसरा कोई मार्ग नहीं है। इस कारण सड़क खोलने के लिए इंतजार करना पड़ता है।
उधर, आईटीबीपी नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार यात्रा पूरी कर छठे दल के सदस्य सोमवार को गुंजी पहुंच जाएंगे। आठवां दल सोमवार को लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश करेगा। सातवां दल रविवार को तिब्बत के डेरापुक में है। 9वें दल के सदस्यों ने सिर्खा से गाला तक का सफर किया। सिर्खा से गाला तक रास्ता कई जगह टूटा है। आईटीबीपी और एसडीआरएफ के जवानों ने यात्रियों को खतरनाक रास्तों से आगे पहुंचाया।