पिथौरागढ़ से दिल्ली को रवाना होता कैलास यात्रियों का 15वां दल
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कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौटे 15वें दल के यात्रियों को तिब्बत में जाते और आते समय बर्फबारी का आनंद उठाने का मौका मिल गया। डोलमा के पास 15 दिन से रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है। तिब्बत के कई इलाकों में यात्रियों ने बर्फबारी के दौरान ही सफर किया। मानसरोवर झील का पानी काफी ठंडा है। 15वें बैच के 45 यात्री शुक्रवार को यहां पर्यटक आवासगृह पहुंचे। यात्रियों को इस बात की खुशी है कि उनको सफर में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा।
दल के लायजन आफीसर दिनेश चंद्र सिंह नेगी ने कहा कि यात्रा के दौरान मौसम ने अच्छा साथ दिया। रास्तों की हालत ठीक मिली। किसी भी साथी को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर इंतजाम बेहतरीन हैं। पर्यटक आवासगृह में प्रबंधक दिनेश गुरुरानी और उनके स्टाफ ने यात्रियों का स्वागत किया। यात्री दोपहर भोजन के बाद जागेश्वर होते हुए दिल्ली के लिए रवाना हो गए। कैलास मानसरोवर की यात्रा से अब सिर्फ तीन दलों को लौटना है। नौ सितंबर को अंतिम दल की वापसी के साथ ही इस वर्ष की यात्रा का समापन हो जाएगा। उसके बाद यात्रा मार्ग और पड़ावों पर तैनात कर्मचारी भी लौट आएंगे।
छोटा कैलास यात्रियों ने रोपे पौधे
छोटा कैलास यात्रियों ने पर्यटक आवास गृह में बनी मानसरोवर यात्री वाटिका में पौधरोपण किया। पिथौरागढ़ पहुंचे यात्री दल में तीसरे बार जा रहे यात्री चेन्नई के वीवी राजन ने कहा कि जन्माष्टमी के दिन पौधरोपण करना बेहद धार्मिक हो जाता है। यात्री दल ने निगम प्रबंधक दिनेश गुरुरानी एवं निगम कर्मियों के स्वच्छता अभियान और पौधरोपण कार्यक्रम की सराहना की। यात्रियों ने कहा कि हिमालय बचाओ अभियान से जोड़ना बेहद उत्साह का कार्य है। पौधरोपण में हर सिंह, महेश, संजय, गणेश, शंकर, सुनील, कोआर्डिनेटर संजय कुमार शामिल थे।