डीडीहाट आईटीबीपी अस्पताल में घायल बच्चे का उपचार करते फार्मासिस्ट
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केंद्रीय विद्यालय मिर्थी में सुबह स्कूल जा रहे एक बच्चे पर बंदरों के झुंड ने हमला कर हाथ पर काट दिया। बच्चे की चीख-पुकार सुन शिक्षक और विद्यालय स्टाफ ने हल्ला किया तो बंदर भागे। घायल बच्चे को आईटीबीपी के अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। वहीं, लगातार हो रहे बंदरों के हमले से अभिभावकों में वन विभाग के खिलाफ रोष है। उन्होंने क्षेत्र में बंदरबाड़ा शीघ्र लगाने की मांग उठाई है।
केवी में कक्षा तीन का छात्र वेदांत बृहस्पतिवार सुबह स्कूल जा रहा था। इसी बीच तीन-चार बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर हाथ से पानी की बोतल छीन ली। बंदरों ने बच्चे के हाथ पर भी काट दिया। शोर सुनकर विद्यालय स्टाफ पहुंचा और हो-हल्ला कर बंदरों को बमुश्किल भगाया। बाद में बच्चे का अस्पताल में इलाज कराया गया। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और सातवीं वाहिनी के कमांडेंट महेंद्र प्रताप से विद्यालय के आसपास स्कूल खुलने, हॉफ टाइम और छुट्टी के समय जवानों की तैनाती की मांग की है।
प्रधानाचार्य हरीश कुमार ने वन विभाग से बंदरबाड़ा लगाने की मांग उठाई है। वन रेंजर राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि बंदरों के हमले की सूचना और प्रधानाचार्य की मांग को प्रभागीय वनाधिकारी को भेज दिया गया है। बता दें कि वन रेंजर को बगैर डीएफओ की अनुमति के बंदरों को पकड़ने का अधिकार नहीं है। डीएफओ की अनुमति के बाद बाहर से बंदर पकड़ने वाली टीम को बुलाया जाता है।