मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अगले साल से कैलास मानसरोवर यात्रा की तर्ज पर ऊं पर्वत यात्रा प्रारंभ कराने की घोषणा की है। छोटा कैलास यात्रा मार्ग के ज्योलिंगकांग के लिए ट्रैकिंग रूट विकसित करने का एलान भी सीएम ने किया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने धारचूला, मुनस्यारी में जड़ी-बूटी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योजना तैयार करने का एलान किया।
कहा कि जड़ी-बूटी उत्पादक गांव तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री रावत ने नाबार्ड के सहयोग से बनने वाली 13 सड़कों के साथ ही 161 करोड़ लागत की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने विधानसभा क्षेत्र धारचूला के खेल स्टेडियम में जन सुनवाई कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि ऊं पर्वत राज्य की अनमोल धरोहर है।
ऊं पर्वत के देश, विदेश के लोगों को दीदार कराने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर यात्रा संचालित करने का प्लान बना रही है। अगले साल से कैलास मानसरोवर यात्रा की तर्ज पर ऊं पर्वत के लिए यात्रा संचालित की जाएगी।
ऊं पर्वत यात्रा शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि ज्योलिंगकांग ट्रैकिंग रूट विकसित कर देश-विदेश के ट्रैकरों को ज्योलिंगकांग के लिए आकर्षित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मुनस्यारी में स्थापित पंडित नैनसिंह माउंटेनियरिंग संस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्वतारोहण संस्थान बताते हुए कहा कि मुनस्यारी से नेशनल, इंटरनेशनल स्तर के पर्वतारोही निकलेंगे।
कहा कि मुनस्यारी, धारचूला को साहसिक खेलों का हब बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल की छोटा कैलास यात्रा में यात्रियों को होम स्टे कराकर स्थानीय लोगों ने एक अच्छा संदेश दिया है।
पर्यटन स्थलों में होम स्टे योजना को मजबूत किया जाएगा। सीएम ने कहा इस बार जौलजीबी मेले का आयोजन नए मंच में किया जाएगा। वह स्वयं 14 नवंबर को जौलजीबी के ऐतिहासिक मेले का उद्घाटन करेंगे।
जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गाला, जिप्ती क्षेत्र के विद्युतीकरण के आदेश दिए। जुम्मा में 800 मीटर हिस्से में बाढ़ सुरक्षा के काम कराने का एलान किया।
तांकुल के लिए स्टेट सेक्टर से दो किमी सड़क बनाने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के प्रभावित टैक्सी स्वामियों को जल्द मुआवजे का भुगतान करा दिया जाएगा।
गर्ब्यांग गांव में भूकटाव रोकने के लिए सीडीओ विनोद गिरी गोस्वामी को गांव में जाकर योजना तैयार करने के आदेश दिए। कहा कि मेतली पेयजल योजना संचालित करने के लिए विधायक निधि से धन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बुंगबुंग में एएनएम सेंटर खोलने और जुम्मा में खेल मैदान बनाने, गलाती और दूतीबगड़ में पशुपालन केंद्र की स्थापना, छलमाछिलासू गांव की सुरक्षा के लिए नाले में दीवार लगाने, इलाके में तमाम जगहों में बारातघर बनाने, धारचूला क्षेत्र के दुग्ध उत्पादों की बिक्री के लिए रेफ्रीरेजेटेड वैन देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री के सामने देवल की प्रधान हंसा देवी ने दूध आदि की बिक्री न होने का मामला उठाया था। उन्होंने जन सुनवाई कार्यक्रम में उठे तमाम मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया। लोगों को अखरोट की खेती के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अखरोट से गांवों की आर्थिकी मजबूत हो सकती है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, चंपावत के जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, विधायक प्रतिनिधि हीरा चिराल, महेंद्र सिंह धामी, उत्तराखंड जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष कैलाश रावत, ब्लाक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर, नरेंद्र सिंह रावत, प्रशांत भंडारी, कांग्रेस नेत्री शकुंतला दताल आदि थे। संचालन जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र थापा ने किया।