जब किसी से मदद न मिले तो अपने पर भरोसा करना ज्यादा बेहतर है। कुछ इसी अंदाज में निरतोली गांव के लोग अब बंद पड़ी सड़क को सुधारने में जुट गये हैं। गांव से करीब 15 किलोमीटर पहले ही मदकोट में दो माह पहले सड़क टूटी थी और तब से नहीं खुली। उस पर मुसीबत यह हुई की बिजली विभाग भी मदकोट में बिजली का ट्रांसफार्मर पटक कर चलता बना। अब गांव वाले कह रहे हैँ कि गाड़ी तो जब पहुंचे, तब पहुंचे, कम से कम बिजली तो गांव में पहुंच जाए।
मदकोट से बोना जाने वाली सड़क दो माह से बंद है। विश्व बैंक का कंस्ट्रक्शन डिवीजन इस सड़क की देखरेख करता है। अब तक सड़क खोलने का प्रयास तो दूर , लोगों के चलने लायक रास्ता भी इस महकमे ने नहीं बनाया।
मदकोट से 15 किमी की दूरी पर स्थिति निरतोली गांव का विद्युत ट्रांसफार्मर एक माह से फुंका है। विद्युत विभाग ने नया ट्रांसफार्मर मदकोट तक तो पहुंचा दिया।
उससे आगे सड़क बंद होने के नाम पर विद्युत विभाग इस ट्रांसफार्मर को मदकोट में ही छोड़ कर चलता बना। ऐसे में हाल यह हुये कि जब तक सड़क नहीं बनती ट्रांसफार्मर गांव तक नहीं लाया जा सकता। कोई दूसरा रास्ता न देख निरतोली के लोग रविवार सुबह से मलबे के ऊपर पैदल रास्ता बनाने में जुट गए। निरतोली गांव के कृपाल सिंह, दीवान सिंह, उमेद सिंह, ललित सिंह, सुंदर सिंह, दुर्गा सिंह समेत करीब 25 लोग श्रमदान कर रहे हैं । कुछ स्थानों पर पैदल रास्ता बना भी लिया गया है। गांव के लोगों ने बताया कि रास्ता बन जाने के बाद मदकोट से 15 किलोमीटर दूर निरतोली गांव तक विद्युत ट्रांसफार्मर ले जाया जाएगा। लोगों का कहना है कि चाहे रोड न खुले लेकिन गांव में बिजली तो पहुंच जाए। इसी के लिए यह मेहनत कर रहे हैं।