चंडिका और कौशल्या देवी को अर्पित पौंण का जंगल
- फोटो : अमर उजाला
‘जंगलों को अराजक तत्वों से न बचा पाओ तो देवी की शरण में चले जाओ’ अभियान से जिला मुख्यालय से सटे पौंण गांव के लोग भी जुड़ गए हैं। पौंण के लोगों ने वन पंचायत का 20 हेक्टेयर का जंगल 10 साल के लिए मां चंडिका और कौशल्या माई को चढ़ा दिया है। इन 10 सालों में जंगल में किसी तरह का पातन नहीं किया जाएगा।
पौंण वन पंचायत के सरपंच प्रेम सिंह वल्दिया के नेतृत्व में वन पंचायत के सदस्यों और ग्राम पंचायत के लोगों ने कौैशल्या माता मंदिर में हवन कर जंगल मां कौशल्या और चंडिका को चढ़ाने का संकल्प लिया। वन पंचायत सरपंच ने बताया कि अराजक तत्व जंगल को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। जंगल का अंधाधुंध कटान किया जा रहा है, जिससे जंगल को जबरदस्त नुकसान पहुंच रहा है। कहा कि जंगल को बचाने के लिए कई तरह के उपाय किए गए, लेकिन कोेई भी उपाय सफल नहीं रहा। जंगल को बचाने में किसी तरह का सरकारी सहयोग भी नहीं मिला।
अंतत: जंगल को क्षेत्र की दो देवियों को चढ़ाने का फैसला गांव के लोगों ने ले लिया। बैठक में मौजूद सूबेदार महेंद्र सिंह वल्दिया, कैप्टन दीवान सिंह वल्दिया, कल्याण सिंह वल्दिया, सुरेश वल्दिया आदि ने कहा कि ग्राम पंचायत के लोग नगर से सटे जंगल को बचाने में हरसंभव सहयोग देंगे। बता दें कि इस जिले में जंगल देवियों को चढ़ाने के बाद बेहतर परिणाम आए हैं। लोग शक्तिशाली देवियों को चढ़ाए गए जंगलों को नुकसान पहुंचाने में डरते हैं।