सड़क बंद होने से जुम्मा के लोगों को इस तरह ले जाने पड़ रहे हैं सिलिंडर
- फोटो : अमर उजाला
धारचूला विकासखंड की एलागाड़-जुम्मा सड़क पिछले पांच माह से बंद है। ग्रामीणों को खाद्यान्न और रसोई गैस सिलिंडर से लेकर हर जरूरत का सामान पीठ या कंधों पर ढोना पड़ रहा है। सड़क खुलने में हो रही देरी से लोग परेशान हैं।
पांच माह पूर्व भारी बरसात के दौरान एलागाड़-जुम्मा सड़क लगभग 500 मीटर ध्वस्त हो गई थी। सड़क के बह जाने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप है। लोगों का गांव से तहसील मुख्यालय पहुंचना बेहद कठिन हो गया है। लोगों को हर जरूरी सामान पीठ पर ढोना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत खाद्यान्न और रसोई गैस सिलिंडर ढोने में हो रही है। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पवन धामी ने बताया कि पीएमजीएसवाई के अधीन इस सड़क को खोलने की मांग कई बार की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
निजी प्रयासों से गांव पहुंचाया राशन और सिलिंडर
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पवन धामी सड़क बंद होने से अस्त व्यस्त जीवन जी रहे ग्रामीणों के मददगार बने हैं। पवन धामी किसी के बीमार पड़ने पर मरीज को पीठ पर रखकर अस्पताल पहुंचा रहे हैं। पवन धामी ने बताया कि पांच माह से वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए उन्होंने सरकार से मिलने वाले मुफ्त राशन और सिलिंडर भी गांव तक पहुंचाए। कहा कि शीघ्र सड़क नहीं सुधरी तो मामला डीएम के समक्ष रखेंगे।