अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक संघ ने छह सूत्रीय मांग पूरी न होने पर नव वर्ष को अन्याय दिवस के रूप में मनाया। संघ ने साल के पहले दिन धरना देकर सरकार के नकारापन को उजागर किया है।
पदोन्नति में आरक्षण की बहाली के लिए उत्तराखंड में गठित न्यायमूर्ति इरशाद हुसैन आयोग का कार्यकाल आगे न बढ़ाकर रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक करने की मांग प्रमुख रखी गई है। संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद ने धरना स्थल पर संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में एससीएसटी के 15 हजार रिक्त पदों में नियमित रोस्टर प्रणाली के माध्यम से नियुक्तियां की जानी चाहिए। एससीएसटी वर्ग के शिक्षक, कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति के समय उन्हें दुर्गम, अतिदुर्गम स्थानों में तैनात किया जा रहा है, जो समानता का व्यवहार नहीं है। उपनल, संविदा, आउटसोर्सिंग, एनआरएचएम आदि में नियुक्त कर्मचारियों, अधिकारियों को शीघ्र नियमित नियुक्ति करने और आरक्षण की व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की गई। धरना स्थल पर जिला मंत्री देवेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष गिरीश प्रसाद, प्रवक्ता कस्तूरीलाल, कोषाध्यक्ष आर कोहली, महेश मुरारी, पुष्पेंद्र कुमार, मंजू टम्टा, सरोज प्रीति आर्या, पुष्पा, सुशीला कोहली, बबीता, कैलाश कुमार, कृष्ण राम, नरेंद्र कुमार, भूपेंद्र प्रसाद, धर्म राम, कृष्ण कुमार आदि मौजूद थे।