व्यापारियों का उत्पीड़न बंद करने और कोतवाल का अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग को लेकर जौलजीबी के व्यापारी सड़कों पर उतर आए। जौलजीबी बाजार पूरे दिन बंद रहा। व्यापारियों ने जुलूस निकालकर पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका। बाद में धारचूला पहुंचकर तहसील प्रशासन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजा। व्यापारियों ने जौलजीबी कोतवाल का स्थानांतरण नहीं करने पर झूला पुल बंद करने और एनएच पर चक्काजाम की चेतावनी दी है।
जौलजीबी पुलिस बृहस्पतिवार शाम को एक होटल संचालक को शराब बेचने के आरोप में थाने ले आई। इस घटना से व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार सुबह व्यापार संघ अध्यक्ष धीरेंद्र धर्मशक्तू के आह्वान पर व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इसके बाद सभी व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। व्यापार संघ अध्यक्ष ने कहा कि जौलजीबी पुलिस बिना वजह व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है। जौलजीबी मेले में कोतवाल ने युवकों के साथ बिना कारण मारपीट और गालीगलौज की। जांच रिपोर्ट आने के बावजूद कोतवाल का स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है।
बाद में व्यापारी 28 किलोमीटर दूर तहसील मुख्यालय धारचूला पहुंचे। जहां पर एसडीएम के मौजूद नहीं होने पर पेशकार खीमानंद के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि यदि इस मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 17 फरवरी को भारत-नेपाल को जोड़ने वाले अंतर्राष्ट्रीय झूला पुल में तालाबंदी और एनएच पर जाम लगाया जाएगा। व्यापारियों को रं कल्याण संस्था और दारमा दिलिंग सेवा समिति सहित तमाम संगठनों ने समर्थन दिया है।
ज्ञापन देने वालों में पूर्व अध्यक्ष दौलत सिंह पाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र बुर्फाल, जाकिर हुसैन, महमूद अहमद, नाजिम हुसैन, राजेंद्र पांगती, भूपाल चंद, मोहन चंद, विनोद चंद, संजय दताल, नीरज दताल, राजेंद्र दताल,ललित जोशी, पुष्कर पाल, दारमा दीलिंग सेवा समिति अध्यक्ष पूरन सेलाल, रं कल्याण संस्था धारचूला के कृष्णा गर्ब्याल, डीके फकलियाल,पूरन ग्वाल, नारायण दरियाल, अशोक नबियाल, मोहन बहादुर, उर्मिला गुंज्याल, दिनेश चलाल और धर्मेन्द्र गर्ब्याल सहित कई लोग मौजूद थे।