गंगोलीहाट सीएचसी में अल्ट्रासाउंड करते संयुक्त मजिस्ट्रेट सौरभ गहरवाल।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोलीहाट में संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. सौरभ गहरवाल ने 17 गर्भवती महिलाओं और पांच अन्य के अल्ट्रासाउंड किए। यह पहला अवसर था जब गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करने के लिए पिथौरागढ़ नहीं जाना पड़ा। गंगोलीहाट में ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी व्याप्त है।
गंगोलीहाट सीएचसी में 2006 में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई थी। रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से यह मशीन 13 साल तक बंद कमरे में पड़ी रही। यहां की गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए पिथौरागढ़ जाना पड़ रहा था। पिथौरागढ़ में भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण कई बार गर्भवती महिलाओं को खाली हाथ लौटना पड़ता था।
अक्तूबर 2018 में संयुक्त मजिस्ट्रेट का कार्यभार संभालने के बाद आईएएस अधिकारी डॉ.सौरभ गहरवाल ने जब यह समस्या देखी तो उन्होंने शासन से मरीजों का अल्ट्रासाउंड करने की अनुमति मांगी थी। 14 मार्च को अनुमति मिलने के बाद पहले दिन 15 मार्च को दो अल्ट्रासाउंड किए थे और गर्भवती महिलाओं को रविवार को अल्ट्रासाउंड के लिए बुलाया था। रविवार को 17 गर्भवती महिलाएं पांच अन्य बीमार महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए गंगोलीहाट अस्पताल पहुंची।
डॉ . गहरवाल ने सुबह 11.30 बजे से अल्ट्रासाउंड शुरू किए। अल्ट्रासाउंड में सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पवन कार्की, हिमानी, प्रेमा, फार्मेसिस्ट जितेंद्र अधिकारी ने सहयोग दिया। संयुक्त मजिस्ट्रेट सौरभ गहरवाल ने कहा कि इसी तरह से समय निकालकर अल्ट्रासाउंड किए जाएंगे। हर रविवार को गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करने के प्रयास किए जाएंगे। उधर, अल्ट्रासाउंड के लिए सीएचसी पहुंची महिलाएं गंगोलीहाट में ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलने से बेहद खुश नजर आईं। महिलाओं ने कहा कि संयुक्त मजिस्ट्रेट के प्रयासों से उन्हें अपने घर में ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल गई। उन्हें अब जांच के लिए 80 किलोमीटर दूर पिथौरागढ़ नहीं जाना पड़ेगा।