झूलाघाट/धारचूला। कोरोना काल में पिछले 10 माह से बंद भारत-नेपाल को जोड़ने वाले अंतर्राष्ट्रीय झूला पुल शुक्रवार से पूर्व की तरह सामान्य आवाजाही के लिए खुल गए हैं। इतने लंबे अंतराल के बाद पुलों के खुलने से जहां व्यापारियों ने राहत महसूस की है वहीं सीमांत के लोग फिर से रोटी-बेटी के रिश्ते सामान्य रूप से निभाने की उम्मीद से खुश हैं।
कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए भारत-नेपाल के झूला पुल मार्च 2020 में बंद कर दिए गए थे। केवल आपात स्थिति में ही आवाजाही के लिए झूलापुलों को खोला जा रहा था। झूलापुलों के बंद होने से नेपाल के ग्राहकों पर निर्भर भारतीय बाजार झूलाघाट, बलुवाकोट, जौलजीबी और धारचूला में व्यापार चौपट हो गया था। झूलाघाट के आधा दर्जन व्यापारी अपना कामधंधा छोड़कर अन्यत्र चले गए थे। यही स्थिति अन्य बाजारों की भी रही। नेपाल के जूलाघाट और दार्चुला बाजारों के व्यापारी भी भारत से ग्राहक नहीं जाने से नुकसान में रहे। दोनों देशों के व्यापारी नियमित रूप से झूलापुल खोलने की मांग कर रहे थे। रोटी बेटी के रिश्ते होने से लोग एक-दूसरे से मिलने के लिए भी तरस गए थे। यहां तक कि देवी-देवताओं की पूजा के लिए भी लोग एक-दूसरे देशों के मंदिरों में नहीं जा पा रहे थे। दोनों देशों की ओर से सहमति मिलने के बाद शुक्रवार से सामान्य आवाजाही शुरू हो गई। इससे सीमांत के लोगों में खुशी व्याप्त है।
पुल खुलने की जानकारी नहीं होने से सुबह कम रही भीड़भाड़
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। कस्बे में शुक्रवार सुबह सात बजे खुला। झूलापुल खुलने से सीमावर्ती झूलाघाट और नेपाल के जूलाघाट कस्बे में भी दुकानें खुली। इसके बाद दोनों देशों के व्यापारियों के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। बृहस्पतिवार देर शाम प्रशासन की ओर से जारी की गई जानकारी अधिकतर लोगों को न होने से सुबह बाजार में चहल पहल कम रही। सुबह अमर उजाला के माध्यम से सूचना मिलने के बाद लोगों ने खुशी जताई। जानकारी के बाद लोगों ने आवागमन किया। पुल पर स्थानीय लोगों को छोड़कर प्रत्येक व्यक्ति की जांच स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी कर रहे हैं। एसएसबी के सहायक निरीक्षक जसवीर सिंह के नेतृत्व में सभी लोगों का डाटा बेस बनाया जा रहा है। दोपहर तक 100 लोग नेपाल से भारत आ चुके थे। पहले दिन कस्बे से बाहर चले गए कुछ व्यापारियों को छोड़कर सभी दुकानें खुली। व्यापारियों को आशा है कि पुल खुलने के बाद जल्द ही व्यापार को गति मिलेगी।
10 महीने से दुकानों में ताला लटका है। दुकान में रखा हजारों का सामान खराब हो चुका है। सरकार ने भी कोई सहायता राशि नहीं दी है। पुल खुलने के बाद भी ठप पड़े व्यापार को उबरने में समय लगेगा। नेपाल की जनता को महंगाई से राहत मिलेगी।
- लवदेब जोशी, अध्यक्ष, बाजार व्यवस्थापन समिति, जूलाघाट, नेपाल।
पहली बार पुल न खुलने से भविष्य की चिंता सताने लगी थी। दुकान में रखा सामान खराब हो चुका है। सीमा बंद होने से कई शादियां रुकी हैं। पुल खुलने से लोग नेपाल के रिश्तेदारों से मिलने और पूजा के लिए जा सकेंगे।
- रमेश कलखुड़िया (डब्बू), कपड़ा व्यापारी, झूलाघाट।
पहले दिन धारचूला पुल से 660 लोगों ने की आवाजाही
धारचूला (पिथौरागढ़)। झूलापुल पूर्ववत खुलने से धारचूला के व्यापारी भी खुश हैं। नेपाल रोड में दुकानें चलाने वाले व्यापारियों का व्यापार पिछले दस माह से पूरी तरह से चौपट हो गया था। शुक्रवार को सुबह पुल खुलने के बाद आवाजाही शुरू हुई। शाम पांच बजे तक कुल 660 लोगों ने दोनों देशों के बीच आवागमन किया। बलुवाकोट, जौलजीबी और पीपली के डौड़ा में भी झूलापुल खुलने पर लोगों ने आवागमन किया। आवाजाही करने वाले सभी लोगों की जांच की जा रही है।
झूला खुलने का दोनों देश के फैसले का स्वागत करते हैं। इससे दोनों देश के नागरिकों को फायदा होगा। कोरोना काल में दुकानदारों जो नुकसान हुआ है उन्हें भी अब राहत मिलेगी।
- खुशाल धामी, धारचूला।
कोरोना काल में झूलापुल बंद होने से व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया था। दोनों देशों के बीच रोटी बेटी के रिश्ते हैं। लोग अपने रिश्तेदारों के सुख दुख में शामिल नहीं हो पा रहे थे। अब सभी कुछ पूर्ववत होगा।
-लक्ष्मण भट्ट, धारचूला।