झूलाघाट (पिथौरागढ़)। झूलाघाट-बलतड़ी सड़क सप्तड़ी से बलतड़ी के बीच दस दिनों से मलबा आने के कारण बंद पड़ी है। इस कारण गांव में जरूरी सामान की किल्लत होने लगी है। बलतड़ी से झूलाघाट स्कूल आने वाले बच्चे 10 दिनों से स्कूल नहीं आए हैं।
झूलाघाट-बलतड़ी सड़क बंद होने से सर्वाधिक दिक्कत बलतड़ी, तड़ीगांव और बसौड़ के ग्रामीणों को हो रही है। बच्चों की दस दिनों से पढ़ाई बंद है। बलतड़ी और तड़ीगांव की छोटी दुकानों में आटा, चावल, तेल मसाले सहित कई अन्य रोजमर्रा का सामान खत्म हो गया है। लोगों के घरों में रसोई गैस का संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पीएमजीएसवाई के अधिकारी कभी तेल नहीं होने का हवाला दे रहे हैं तो कभी ऑपरेटर के पहाड़ी से मलबा, बोल्डर गिरने के कारण सड़क नहीं खुलने की बात कर रहे हैं। ग्रामीण सुनील चंद, कैलाश भट्ट, रमेश चंद, प्रकाश भट्ट, ललित भट्ट, सुरेश भट्ट, योगेश धारियाल, कल्याण चंद, भूपेंद्र चंद का कहना है कि अगर झूलाघाट- बलतडी सड़क को जल्द नहीं खोला गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पीएमजीएसवाई के जेई शुभम राजा का कहना है कि जेसीबी ऑपरेटर पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डर और मलबे के कारण सड़क को खोलने से डर रहा है। शीघ्र ही नये ऑपरेटर को भेजा जाएगा।
सड़क बंद होने से बच्चे झूलाघाट स्थित स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। आपात स्थिति में ग्रामीणों को पैदल यात्रा कर झूलाघाट पहुंचना पड़ रहा है।
-योगेश धारियाल, बलतड़ी।
झूलाघाट-बलतड़ी सड़क के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस सहित तमाम जरूरी सामान की किल्लत हो गई है। सड़क शीघ्र नहीं खुली तो स्थिति और अधिक गंभीर हो जाएगी।
-भूपेंद्र चंद, तड़ीगांव