पिथौरागढ़। क्षेत्र में पीलिया के रोगियों की संख्या फिर बढ़ने लगी है। हालांकि 15 दिसंबर के बाद बच्चों में पीलिया धीरे-धीरे खत्म होने लगा था लेकिन पिछले कुछ दिनों में जिला अस्पताल आ रहे छोटे बच्चों में पीलिया के लक्षण अधिक देखने को मिल रहे हैं।
बीडी पांडे जिला अस्पताल में शनिवार को बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार पांडे के कक्ष के बाहर बीमार बच्चों को दिखाने के लिए अभिभावकों की लाइन लगी रही। डॉ. पांडे ने बताया कि रोजाना 50 बच्चे ओपीडी के लिए आ रहे हैं। इनमें 15 बच्चों में जांच के बाद पीलिया के लक्षण सामने आ रहे हैं जबकि 35 बच्चों में बुखार, सर्दी, जुकाम के लक्षण मिल रहे हैं।
डॉ. पांडे ने बताया कि पानी के कारण यह समस्या पैदा हो रही है। ऐसे में छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सफाई का विशेष ध्यान देना होगा। विशेषकर पानी को उबाल कर पीने की जरूरत है। स्वस्थ एवं पौष्टिक भोजन मां और बच्चे के लिए बेहद जरूरी है।
हेल्थी मौसम में भी बढ़ रहे मरीज
पिथौरागढ़। हेल्थी मौसम में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल के मुख्य फिजिशियन डॉ. डीएस धर्मशक्तू ने बताया कि हेल्थी मौसम होने के कारण अमूमन जनवरी माह में मरीजों की संख्या कम रहती है। मार्च से बीमारियां बढ़नी शुरू होती हैं लेकिन इस बार जनवरी में मरीजों की संख्या कम होने के बदले लगातार बढ़ती जा रही है।
डॉ. धर्मशक्तू ने बताया कि लोग खानपान पर ध्यान नहीं देते हैं। ठंड में पानी कम पीते हैं। इस कारण बुखार, पेट की बीमारी, बीपी, शुगर, घबराहट आदि समस्याएं होने लगती हैं। शरीर को स्वस्थ रखना है तो फल, मौसमी सब्जी, धूप में कुछ घंटे बैठने के साथ ही गर्म खाना और पानी लेना जरूरी है। संवाद
पूर्व में अस्पताल में पीलिया, टाइफाइड के मामले बढ़ने पर नगर के पेयजल टैंकों की सफाई कराई गई थी। अब फिर पीलिया बढ़ने लगा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। इसके कारणों का पता लगाया जाएगा। -रीना जोशी, डीएम, पिथौरागढ़।
पूर्व में पीलिया, टाइफाइड के मरीज बढ़ने के बाद डीएम के निर्देश पर सभी टैंकों की सफाई की गई थी। पूर्व में स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया और टाइफाइड संक्रमण को वायरल घोषित किया था। अब अगर फिर से बच्चों में पीलिया के मामले बढ़ने लगे हैं तो स्वास्थ्य विभाग से समन्वय बनाकर काम किया जाएगा। -सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़।
अगर बच्चों में पीलिया बढ़ने लगा है तो गंभीर मामला है। बाल रोग विशेषज्ञ से बीमार बच्चों की निगरानी कराई जाएगी। निगरानी के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि बीमारी वायरल है या फिर अन्य कारणों से फैल रही है। -डॉ. एचसी ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।