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जौलजीबी मेले में रं संस्कृति की धूम

Sat, 19 Nov 2016 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
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जौलजीबी मेले में रं संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम पेश करते कलाकार - फोटो : अमर उजाला
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जौलजीबी मेले में समाजसेवी शकुंतला दताल ने अपने पति स्व. रूप सिंह दताल की स्मृति में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। सांस्कृतिक संध्या का आगाज क्षेत्रीय गायिका मति देवी की गाई वंदना- हे स्यंसै गबला से हुई। रं संस्कृति पर आधारित कई कार्यक्रम पेश किए गए। गढ़वाल से आए किशन महिपाल एवं अनन्या बिष्ट के गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे।
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सांस्कृतिक संध्या में मुख्य अतिथि अस्कोट पाल वंश के कुंवर भानुराज सिंह पाल थे। उन्होंने स्व. रूप सिंह दताल के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम शुरू कराया। सांस्कृतिक संध्या में रं कम्युनिटी स्कूल धारचूला के बच्चों ने बॉलीवुड के चर्चित गीतों पर कई प्रस्तुतियां दी। मल्लिकार्जुन पब्लिक स्कूल धारचूला, शिशु मंदिर जौलजीबी, गायत्री विद्यामंदिर धारचूला के बच्चों ने कई मनमोहक प्रस्तुतियां दी। बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई बॉलीवुड स्टाइल, नेपाली, कुमाऊंनी कार्यक्रमों को दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा। आमंत्रित दलों में किशन महिपाल एवं अनन्या बिष्ट के गीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। गढ़वाल के दुर्गम क्षेत्र नीती माणा से आए किशन महिपाल ने बद्री विशाल की स्तुति में भक्तिमय प्रस्तुति-‘गोविंद दामोदर हे नाथ नारायण’ पर दर्शक भाव विभोर हो गए।

उनके ‘भाना हो भाना रंगीली भाना’ और ‘अहा धूरा फूल्या’ गीत पर दर्शकों ने खूब आनंद उठाया। गायक गोविंद दिगारी के गीत पर मुख्य अतिथि कुंवर भनुराज पाल ने भी अपनी आवाज देकर उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता प्रदीप पाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य जानकी बुर्फाल, ओएनजीसी के पूर्व अधिकारी पूरन सेलाल, दौलत पाल, धीरेंद्र धर्मशक्तू, राजू बर्फाल आदि उपस्थित थे। सहायक मेलाधिकारी इंद्र बहादुर मल्ल ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देते हुए कहा कि इसी प्रकार 24 नवंबर तक कई रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। संचालन लक्ष्मण बिष्ट, करण थापा, डीएन भट्ट, शंकर दत्त भट्ट ने किया।
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