पिथौरागढ़। जिले में एक ओर जहां लोग जंगली जानवरों के आतंक के चलते खेती किसानी छोड़ रहे हैं तो वहीं जजुराली की रेखा ने इलायची उत्पादन से स्वरोजगार की राह चुनी। हर साल महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के माध्यम से दो से तीन क्विंटल इलायची उत्पादन कर आजीविका को बेहतर कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष करीब 50 हजार रुपये की आय कर रही हैं।
जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर जजुराली की रेखा भंडारी ने वर्ष 2011 में इलायची का उत्पादन शुरू किया। जंगल जानवर इलायची को नुकसान भी नहीं पहुंचाते। इस बात को ध्यान में रखते हुए रेखा ने दो नाली भूमि से इलायची उत्पादन शुरू किया। अब हर साल करीब चार से पांच क्विंटल इलायची का उत्पादन अजंता समूह के माध्यम से हर साल कर रही हैं। रेखा ने अपने गांव की महिलाओं को एसएचजी के माध्यम से इलायची की खेती से जोड़ा। 16 समूहों की 92 महिलाएं 30 नाली भूमि पर साल का क्विंटल इलायची उगा रही हैं। शुरुआत में उनके पति सुरेंद्र सिंह भंडारी ने कंधे से कंधा मिलाकर रेखा की मदद की और आज भी उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देते हैं।
रेखा को पीएम मोदी भी कर चुके हैं सम्मानित
पिथौरागढ़। रेखा को इलायची उत्पादन में बेहतर कार्य करने के लिए गुजरात में हुए कार्यक्रम में तत्कालीन सीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर 2013 में श्रेष्ठ किसान के पुरस्कार से सम्मानित कर चुके हैं। उन्हें पुरस्कार में 51 हजार का चेक, प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित दिया गया। अगस्त 2016 में पूर्व सीएम हरीश रावत ने विशिष्ट किसान का पुरस्कार दिया। उन्हें श्रेष्ठ किसान पुरस्कार से जिले से राज्यस्तर पर कई बार सम्मानित किया जा चुुका है। संवाद
ऐसे मिली प्रेरणा
पिथौरागढ़। वर्ष 2008 में रेखा के गांव में दाल बेचने वाला व्यापारी आया। उसने घर के पास लगे इलायची के पेड़ को देखकर इलायची खरीदने की बात कही। रेखा को मूल्य का पता नहीं होने के कारण व्यापारी ने ढाई किलो इलायची के बदले पांच किलो चना दे दिया। इसके बाद उन्हें किसी कार्यक्रम में भाग लेने पंतनगर रवाना हुई। हल्द्वानी में उन्होंने इलायची का मूल्य पूछा तो 750 रुपये मूल्य का पता चलने पर उन्होंने इलायची उत्पादन करने का दृढ़ संकल्प लिया और क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इलायची उत्पादन के लिए प्रेरित किया। संवाद
कोट....
महिलाओं को क्षेत्र में आजीविका से जोड़ने के लिए अजंता महिला समूहों से शुरुआत की गई। लगातार महिलाओं को स्वरोजगार आजीविका के लिए प्रेरित करती रही। वर्ष 2014 में गुरंगघाटी आजीविका स्वायत्त सहायता फेडरेशन में 116 महिला समूहों को जोड़कर स्वरोजगार की राह दिखाई। आईएलएसपी ने स्वरोजगार की राह को आगे बढ़ाने में बड़ा सहयोग किया।
- रेखा भंडारी, अध्यक्ष गुरंगघाटी आजीविका स्वायत्त सहकारिता फेडरेशन, अजंता महिला समूह।
रेखा महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्हें खुद को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही क्षेत्र में महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़कर प्रेरणादायी कार्य किया है। महिला समूहों सब्जी, दूध समेत अन्य उत्पादन के लिए प्रेरित किया।
- कुलदीप बिष्ट, आईएलएसपी, परियोजना प्रबंधक।
जजुराली की महिलाओं ने इलायची उत्पादन से अपना स्वरोगजार की राह चुनी।- फोटो : PITHORAGARH