सीमांत में विश्वविद्यालय खोलने की मांग को लेकर 48 साल बाद एक बार फिर आंदोलन शुरू हो गया है। छात्र संघ ने महाविद्यालय से कलक्ट्रेट तक रैली निकाली। इसके बाद टकाना स्थित रामलीला मैदान में सभा का आयोजन किया गया। इसमें उत्तराखंड क्रांति दल, जनमंच, व्यापार संघ, यूथ कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित तमाम संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे। छात्र शक्ति का कहना है कि यदि उनकी मांग अनसुनी की गई तो जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा।
पूर्व चेतावनी के अनुसार सोमवार को छात्र संघ अध्यक्ष राकेश जोशी के नेतृत्व में छात्र-छात्राएं जुलूस की शक्ल में हाथों में मांग लिखे पोस्टर लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे। टकाना स्थित रामलीला मैदान में आयोजित सभा में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष महेंद्र रावत ने कहा कि विश्वविद्यालय की मांग काफी पुरानी है। इस मांग को लेकर सभी दलों और संगठनों को एक मंच पर आना होगा।
उन्होंने पिथौरागढ़ में विश्वविद्यालय खोलने और चंपावत और बेड़ीनाग महाविद्यालयों को कैंपस का दर्जा देने की मांग उठाई। जन मंच के संयोजक भगवान रावत ने कहा कि वर्षों से विश्वविद्यालय खोलने की मांग उठाई जा रही है। छात्र शक्ति ने जो मांग उठाई है जनमंच उसमें पूरा सहयोग करेगा। 13 फरवरी को आगे की रणनीति बनाई जाएगी। छात्र संघ अध्यक्ष राकेश जोशी ने कहा कि अल्मोड़ा में पहले से कैंपस और आवासीय विश्वविद्यालय है। सीमांत पिथौरागढ़ की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए विश्वविद्यालय स्थापित किया जाना जरूरी है। जब तक मांग पूरी नहीं होती है संघर्ष जारी रहेगा।
पूर्व छात्र नेता मनोज जोशी एमएल ने कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो लेकर जेल भरो आंदोलन चलाएंगे। आप पार्टी के भूपेश जोशी, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ऋषेंद्र महर, दीपक कापड़ी, पूर्व सचिव सूरज गिरी आदि ने भी सभा को संबोधित किया।
विश्वविद्यालय की लड़ाई जारी रखी जाएगी: ऐरी
पिथौरागढ़। उक्रांद के शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी भी छात्रों की मांग के समर्थन में सभा स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की मांग पुरानी है। विश्वविद्यालय और कैंपस यहां की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी हैं। पिथौरागढ़ में बहुत पहले विश्वविद्यालय बन जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि छात्र संघ को उनका पूरा समर्थन है। उन्होंने छात्र नेताओं से लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया।
कल तय होगी आंदोलन की रणनीति
पिथौरागढ़। विश्वविद्यालय बनाने की मांग को लेकर 15 फरवरी को पिथौरागढ़ बाजार सांकेतिक रूप से बंद रहेगा। 13 फरवरी को व्यापार भवन में तमाम संगठन आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर महर ने कहा कि यदि मांग नहीं मानी जाती है तो सांकेतिक नहीं बाजार को ऐतिहासिक रूप से बंद किया जाएगा।
समर्थन में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन
पिथौरागढ़। सीमांत में अलग विश्वविद्यालय बनाने की मांग के समर्थन में अधिवक्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट परिसर में जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कहा कि इस लड़ाई में छात्र संघ का पूरा साथ दिया जाएगा। प्रदर्शन में अनिल रौतेला, मोहन भट्ट, निर्मल चौधरी, मनोज ओझा, महेंद्र मल्ल, राजकुमार, लक्ष्मण सिंह, अजय बोहरा आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
छात्रों ने लगाए डीएम साहब बाहर आओ के नारे
पिथौरागढ़। सभा स्थल के बाद छात्र संघ सहित तमाम समर्थक मांगों से संबंधित ज्ञापन देने कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान छात्रों ने जिलाधिकारी से बाहर आकर ज्ञापन लेने की मांग की। जिलाधिकारी के नहीं आने पर छात्रों ने डीएम साहब बाहर आओ के नारे लगाए। बाद में एसडीएम एसके पांडेय के समझाने पर छात्र नेताओं ने कक्ष में जाकर डीएम डा.विजय कुमार जोगदांडे को ज्ञापन सौंपा। डीएम ने छात्रों से उनकी मांग को शासन स्तर पर भेजने की बात कही। छात्र संघ अध्यक्ष राकेश जोशी ने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं सुनी जाती है तो उग्र आंदोलन होगा।
पिथौरागढ़ जिले में अलग विश्वविद्यालय खोलने की मांग
चंपावत। सीमांत पिथौरागढ़ जिले में अलग विश्वविद्यालय खोले जाने की मांग जोर पकड़ते जा रही है। इस संबंध में चंपावत छात्र संघ पदाधिकारियों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ अध्यक्ष पारस सिंह महर की अगुवाई में प्राचार्य के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा है। कहा कि पिथौरागढ़ में अलग विश्वविद्यालय खुलने से छात्र-छात्राओं को विवि के काम के लिए नैनीताल नहीं जाना होगा। पहाड़ की भौगोलिक स्थिति के साथ ही अधिकांश छात्र-छात्राएं निर्धन परिवार से होने के कारण नैनीताल नहीं जा पाते हैं, जिस कारण उनकी अंक तालिकाओं में सुधार नहीं हो पाता है। ज्ञापन देने वालों में विद्यार्थी परिषद के सह जिला संयोजक हरीश जोशी, मुकेश जोशी, पूरन सिंह बिष्ट आदि थे।
महाविद्यालय की समस्याओं को लेकर आंदोलन की चेतावनी
चंपावत। छात्र संघ की ओर से महाविद्यालय में हिंदी, इतिहास, समाजशास्त्र, अंग्रेजी विषयों के संचालन के साथ ही पुस्तकालय में पुस्तकों की कमी, शिक्षकों का अभाव जल्द दूर न किए जाने पर आंदोलन शुरू किए जाने की चेतावनी दी है। छात्रों का कहना है कि कई बार कॉलेज की समस्या के लिए उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन दिया गया है लेकिन अभी तक एक भी मांग पूरी नहीं हुई है। अगर छात्र छात्राओं की मांग पूरी नही होगी तो सभी छात्र-छात्राएं उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।