पिथौरागढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसभा स्थल पहुंचते ही मंच पर जै हो कुमाऊं जै हो गढ़वाल गाना... बजने लगा। इस पर पीएम नरेंद्र मोदी मंच पर खड़े होकर तालियां बजाकर झूमने लगे। इसके बाद मंच पर मौजूद सभी वीआईपी भी तालियां बजाने लगे। इससे साफ लग रहा था उत्तराखंड से पीएम मोदी से विशेष लगाव है। इसका जिक्र पीएम ने अपने संबोधन में भी किया।
पीएम ने कहा कि उत्तराखंड में उनका एक कालखंड बीता है। उन्होंने अपने संबोधन में बदरी, केदार, मां हाट कालिका, वैजनाथ, गोलू देवता, कटारमल आदि मंदिरों का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि जब भी इस पावन धरा पर आया हूं, यहां मैंने स्मरण किया है कि मैं धन्य हो जाता है। पीएम ने कहा कि वह इस पावन धरा पर अद्वैत आश्रम में एक दिन का समय और बिताना चाहते थे लेकिन दिल्ली में शनिवार को होने वाली जी-20 की एक महत्वपूर्ण बैठक के कारण उनको वापस जाना पड़ रहा है।
ना हम डरते हैं ना हम डराते हैं : मोदी
प्रधानमंत्री बोले, जब दुनिया के बड़े-बड़े लोगों से हाथ मिलाता हूं तो नजर भी मिलाता हूं
दीपक कापड़ी
पिथौरागढ़। पीएम नरेंद्र मोदी ने जनसभा में कहा कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास तेजी कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकार का मानना था कि सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास करने से दुश्मन अंदर घुस आएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि न हम डरते हैं न हम डराते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के बड़े-बड़े लोगों से जब हाथ मिलाता हूं तो आंख भी मिलाता हूं।
पीएम ने कहा कि नौ वर्षों में 4200 किमी से अधिक लंबी सड़कों का निर्माण कार्य किया गया है। 250 बड़े पुलों और 22 सुरंगों का निर्माण किया गया। इससे सीमा पर पहुंचना सुगम हुआ है। सरकार की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में ट्रेनों को पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
पहले सीमावर्ती गांवों को अंतिम गांव माना जाता था। इस कारण उन गांवों का विकास नहीं हो पाया। विकास और मुख्यधारा से पिछड़े गांवों का तेजी से विकास हो इसके लिए वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की गई है। उनकी कोशिश है कि जिन गांवों से पलायन कर लोग बाहर चले गए हैं वह फिर उन गांवों में लौट आएं।