हल्द्वानी। पिथौरागढ़ में अपने परिजनों और सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों से करोड़ों रुपयों की ठगी का मास्टरमाइंड जगदीश पुनेठा दुबई में आलीशान जिंदगी जी रहा था। उसने अपराध का ऐसा तानाबाना बुना था कि पीड़ितों को ठगी का अहसास होने के एक साल पहले ही उसने न सिर्फ परिवार को दिल्ली में सेटल कर दिया बल्कि खुद भी दुबई भाग गया। राज्य गठन के 25 सालों में पहली बार हुआ है जब इंटरपोल की मदद से विदेश से किसी आरोपी को दरअसल, जगदीश पुनेठा ने साथियों के साथ मिलकर पिथौरागढ़ में वर्ष 2016 से 2020 तक निर्मल बंग कमोडिटी में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए थे और रुपये हड़पकर परिवार सहित भाग गया था। पुलिस ने ठगी में लिप्त जगदीश के परिजनों सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था मगर वह पकड़ में नहीं आ सका था।
इधर पुलिस को उसकी लोकेशन दुबई में होने की जानकारी मिली तो स्पेशल टीम गठित कर इंटरपोल की मदद ली गई। स्पेशल टीम ने दुबई पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया तो चौंकाने वाली बातें सामने आई। जगदीश ने इतने योजनाबद्ध तरीके से ठगी को अंजाम दिया कि निवेश करने वाले लोगों को भनक तक नहीं लग सकी। उसके खिलाफ वर्ष 2021 में ठगी के केस दर्ज होने शुरू हुए थे जबकि वह 2020 में ही दुबई जा चुका था। वह इतना शातिर था कि इस मामले में पत्नी, पिता और भाई के जेल जाने की जानकारी होने के बावजूद भारत नहीं आया था। पता चला कि उसने ठगी की रकम को गोल्ड ट्रेडिंग में निवेश किया है।
गिरफ्तारी टीम में शामिल पिथौरागढ़ एसएचओ ललित मोहन जोशी ने बताया कि जगदीश दुबई से भागने की फिराक में था और इसी वजह से उसने चार महीने पहले ही अपनी कार को बेच दिया था। वह ट्रेस होने के बचने के लिए अलग-अलग नंबरों से दिल्ली में रह रही पत्नी व बच्चों से संपर्क में था। वह किराये के फ्लैट में रहकर कपड़ों का थोक व्यापार कर रहा था और दिल्ली में रह रहे परिवार से अलग-अलग नंबरों से संपर्क में था।