आईटीबीपी का जवान सुरेंद्र कुमार
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भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की सातवीं वाहिनी मिर्थी में तैनात एक जवान की सोमवार रात बंदरलीमा के पास पहाड़ी से गिरा पत्थर लगने से मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
मूल रूप से बगड़ीहाट निवासी सुरेंद्र कुमार (29) पुत्र पूरन राम आईटीबीपी सातवीं वाहिनी में तैनात थे। उनके परिवार के लोग पिथौरागढ़ में रहते हैं। आईटीबीपी के अधिकारियों ने बताया कि सुरेंद्र कुमार ने सोमवार शाम बच्चों से मिलने के लिए छुट्टी ली थी और वह देर शाम अपनी बाइक से पिथौरागढ़ को निकले थे। मिर्थी से करीब 20 किलोमीटर आगे बंदरलीमा के पास पहाड़ी से एक पत्थर गिरकर सीधे सुरेंद्र कुमार पर जा लगा। वह मोटरसाइकिल समेत सड़क पर गिर गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उस रोड से जा रहे वाहन चालकों और यात्रियों ने रात में हादसे की सूचना आईटीबीपी वाहिनी मुख्यालय को दी। रात में बड़ी संख्या में आईटीबीपी के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
बताया गया कि सुरेंद्र का विवाह एक वर्ष पहले हुआ था। उन्होंने पत्नी एवं परिवार के अन्य सदस्यों को पिथौरागढ़ में रखा था। वह कभी-कभार परिवार के लोगों से मिलने के लिए जाते थे। इस हादसे से परिवार पर बड़ा संकट आ गया है। सुरेंद्र अपने परिवार के अकेले कमाऊ व्यक्ति थे। आईटीबीपी के जवानों में भी साथी के निधन पर शोक है। बंदरलीमा से लेकर पलेटा तक इन दिनों सड़क की हालत बेहद खतरनाक बनी है। पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा हर जगह बना रहता है। लोगों में बीआरओ की कार्यशैली को लेकर भारी गुस्सा है।