धारचूला में व्यापार परमिट का सत्यापन करते ट्रेड सहायक कुटियाल
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भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार के लिए 27 व्यापारियों और 22 हेल्परों को परमिट जारी कर दिए गए हैं। तहसील प्रशासन के पास कुल 250 ट्रेड परमिट पहुंचे हैं। इनको जारी करने का काम तेजी से चल रहा है। परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू होने से उम्मीद है कि सीमांत के व्यापारियों का पहला जत्था इस माह तिब्बत की व्यापारिक मंडी तकलाकोट को रवाना हो जाएगा। चीन सरकार की ओर से लगाए गए प्रतिबंध के कारण इस बार तिब्बत की मंडी में गुड़ और मिश्री नहीं पहुंचेगा।
भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार के लिए नियुक्त ट्रेड सहायक पीएस कुटियाल ने बताया कि ट्रेड परमिट के लिए आवेदन करने वाले हर व्यापारी के कागजातों का सत्यापन किया जा रहा है। इस बार जितने लोग भी तकलाकोट जाने के इच्छुक होंगे सभी को ट्रेड परमिट जारी किए जाएंगे। भारत-तिब्बत स्थल व्यापार 31 अक्तूबर तक चलता है। कुटियाल ने बताया कि कुछ दिन बाद भारतीय व्यापारिक मंडी गुंजी में भी ट्रेड परमिट जारी किए जाएंगे। इससे व्यापारियों को और आसानी होगी। भारतीय व्यापारी इस बार चाय, काफी, रेडीमेड सामान, स्टील के बर्तन जैसी सामग्री लेकर जाएंगे। फूड आइटम को बेचने में रोक के कारण इस बार खाने-पीने की वस्तुओं की बिक्री नहीं हो पाएगी।
इधर, जानकारी मिली है कि नेपाल के करीब 15 व्यापारी मई में ही तकलाकोट मंडी पहुंच चुके हैं। नेपाल की तरफ से तकलाकोट जाने में किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है, जबकि भारतीय क्षेत्र से सीमित अवधि के लिए यह व्यापार खुलता है। व्यापार की अवधि जून से लेकर अक्तूबर तक रहती है। ट्रेड परमिट समय पर मिलने से सीमांत के व्यापारी खुश हैं और अब तकलाकोट जाने की तैयारी करने लगे हैं।